
New Delhi, 19 मई . गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजार में पोषक तत्वों से भरपूर खट्टे-मीठे जामुन दिखने लगते हैं. यह फल न केवल स्वादिष्ट बल्कि गर्मियों में प्राकृतिक शीतलता भी देता है. डायबिटीज के मरीजों और गर्भवती महिलाओं के लिए आयुर्वेद जामुन को बेहद फायदेमंद बताता है.
बिहार Government का पर्यावरण, जल एवं वन विभाग जामुन के फायदों से अवगत कराता है. विभाग के अनुसार, जामुन को डायबिटीज का शत्रु कहा जाता है. इसमें कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है, जो ब्लड शुगर को स्थिर रखने में मदद करता है. गर्मियों में जब ब्लड शुगर बढ़ने की आशंका ज्यादा होती है, तब नियमित जामुन का सेवन इसे नियंत्रित रखता है.
गर्भवती महिलाओं के लिए जामुन विशेष रूप से उपयोगी है. इसमें प्राकृतिक फोलिक एसिड की अच्छी मात्रा होती है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए जरूरी है.
आयुर्वेद में जामुन को ठंडा और पित्त शामक माना गया है. यह शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है और पेट को ठंडक पहुंचाता है. जामुन में फाइबर की भरपूर मात्रा होती है, जो पाचन क्रिया को सुधारती है, कब्ज दूर करती है और पेट को स्वस्थ रखती है. यह विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और गर्मियों में होने वाली बीमारियों से बचाव करता है. कम कैलोरी होने के कारण यह वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक है.
यही नहीं, जामुन दिल की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. इसमें मौजूद पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है और कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है. इसके अलावा, जामुन त्वचा की चमक बढ़ाने में भी कारगर है. गर्मी की धूप और पसीने से प्रभावित त्वचा को यह निखारने में मदद करता है.
जामुन के फल के अलावा इसके पत्ते और डाली का भी उपयोग होता है. आयुर्वेद में जामुन की डाली को बेहतरीन दातून माना जाता है, जो मुंह के रोगों को दूर करती है. गर्मियों में ताजा जामुन खाएं, जूस बनाकर पिएं या सलाद में शामिल कर सकते हैं.
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एमटी/डीकेपी
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