सिर्फ पेपर लीक कानून से संकट हल नहीं होगा, राज्यों के साथ राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर करें चर्चा: दिग्विजय सिंह

New Delhi/Bhopal , 27 जुलाई . कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और Madhya Pradesh के पूर्व Chief Minister दिग्विजय सिंह ने Monday को कहा कि “सिर्फ परीक्षा का पेपर लीक होने के खिलाफ सख्त कानून बनाने से देश में परीक्षा से जुड़े संकट का समाधान नहीं होगा. उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 पर व्यापक चर्चा की मांग की.

सिंह का यह बयान Prime Minister Narendra Modi द्वारा एक हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने की घोषणा के एक दिन बाद आया है. इस टास्क फोर्स की अध्यक्षता यूआईडीएआई के पूर्व चेयरमैन नंदन नीलेकणि करेंगे और यह देश की परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ और टेक्नोलॉजी-आधारित बनाने के उपाय सुझाएगी.

Prime Minister ने यह भी कहा कि केंद्र Government संसद में पेपर लीक रोकने के लिए एक सख्त कानून लाएगी.

इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए सिंह के ऑफिस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पेपर लीक कानून को सख्त बनाने से समस्या हल नहीं होगी. आपको संसद में ‘नई शिक्षा नीति 2020’ पर पूरी तरह से चर्चा करनी चाहिए और उससे पहले, देश के सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के साथ शिक्षा नीति पर चर्चा होनी चाहिए. अगर आपने संसद में ‘नई शिक्षा नीति 2020’ पर चर्चा की होती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती.”

एक और पोस्ट में दिग्विजय सिंह कहा, “India जैसे देश में सत्ता का विकेंद्रीकरण जरूरी है, न कि केंद्रीकरण. शिक्षा को पूरी तरह से भारतीय संविधान की राज्य सूची में रखा जाना चाहिए.”

खास बात यह है कि Sunday को पीएम मोदी ने कहा कि नीलेकणि की अगुवाई वाला एक्सपर्ट पैनल परीक्षा प्रणाली को ज़्यादा पारदर्शी और टेक्नोलॉजी पर आधारित बनाने के लिए सुधारों की सिफारिश करेगा. प्रस्तावित समिति में इसरो के पूर्व अध्यक्ष एस. सोमनाथ, इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका, आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर वी. कामाकोटी, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल और सीनियर ब्यूरोक्रेट अमृत लाल मीणा समेत कई लोग शामिल होंगे.

Prime Minister ने यह भी कहा कि Government परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रही है और संसद में पेपर लीक रोकने के लिए एक कड़ा कानून लाएगी. यह ताजा बयानबाजी नीट -यूजी 2026 पेपर लीक विवाद को लेकर मचे Political हंगामे के बीच सामने आई है.

ओपी/पीएम