आय में गिरावट के कारण बढ़ेगा संकट

नई दिल्ली (New Delhi) . रिटेल लोन सेगमेंट में अगले वित्त वर्ष के अंत तक संकट में फंसे कर्ज में चार गुना (guna) की बढ़ोतरी होगी. सर्विस सेक्टर में कम नौकरी पैदा होने और इनकम ग्रोथ धीमी रहने के कारण ऐसा होगा. फिच ग्रुप की क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने अपने ताजा अनुमान में यह बात कही है.

रेटिंग एजेंसी ने कहा है कि रिटेल लोन सेगमेंट में मार्च 2022 तक नॉन परफॉर्मिंग असेट्स 4.7 फीसदी तक पहुंच जाएगा. एजेंसी के मुताबिक, मार्च 2021 तक यह 1.60 फीसदी रहेगा. इस प्रकार अगले साल इसमें चार गुना (guna) तक की बढ़ोतरी हो सकती है. एजेंसी का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंकों के अनसिक्योर्ड लोन बढऩे के कारण इस सेगमेंट के एनपीए में बढ़ोतरी होगी.

इंडिया रेटिंग्स ने अनुमान जताया है कि चालू वित्त वर्ष यानी 2021 में बैंकों का ग्रॉस एनपीए 8.8 फीसदी रह सकता है. हालांकि, अगले वित्त वर्ष यानी 2022 में यह बढ़कर 10.1 फीसदी तक पहुंच सकता है.

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