मिस ब्रिगेंजा का किरदार मेरी जीत और कमी दोनों है : अर्चना पूरन सिंह

Mumbai , 25 जुलाई . 1998 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ में मिस ब्रिगेंजा का किरदार निभाने वाली Actress अर्चना पूरन सिंह को आज भी दर्शक उसी नाम से याद करते हैं. Actress अर्चना पूरन सिंह ने के साथ बातचीत में बताया कि उन्होंने अपने वेब सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ के जरिए इसी दिशा में एक कदम बढ़ाया है. इस प्रोजेक्ट में उन्होंने जानबूझकर मिस ब्रिगेंजा वाली अपनी छवि से अलग किरदार निभाने की कोशिश की है.

उन्होंने कहा, “‘आदर्श बाल विद्यालय’ में मैंने जो किरदार निभाया है, वह मिस ब्रिगेंजा से बिल्कुल अलग है. मुझे उम्मीद है कि यह किरदार भी लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाएगा. किसी फिल्म को सफल बनाने में उससे जुड़े हर व्यक्ति का योगदान होता है. मैं मिस ब्रिगेंजा के किरदार से काफी आगे बढ़ चुकी हूं और उम्मीद करती हूं कि दर्शक भी मुझे उस पुराने किरदार से आगे एक नए रूप में देखेंगे.”

हालांकि, Actress ने इस बात पर भी जोर दिया कि दर्शकों के अब उनके मिस ब्रिगेंजा के किरदार से आगे बढ़ जाना चाहिए. अर्चना पूरन सिंह का मानना है कि इस किरदार ने उनकी अभिनय सफर में एक उपलब्धि और चुनौती स्थापित की है. उन्होंने कहा, “मिस ब्रिगेंजा एक तरफ मेरी जीत हैं, लेकिन इसे मेरी कमी भी कहा जा सकता है कि मैं अब तक ऐसा कोई दूसरा किरदार नहीं कर पाई, जो मिस ब्रिगेंजा को पीछे छोड़ सके. इसका मतलब है कि जो कुछ अच्छा करना था, वह मैंने 20–25 साल पहले कर दिया. अब तक वैसा कुछ नया नहीं कर पाई.”

अर्चना ने आगे कहा, “लेकिन अगर मैं इसे सकारात्मक नजरिए से देखूं, तो यह धर्मा और करण जौहर द्वारा बनाया गया एक शानदार किरदार था. अगर मैंने इसे अच्छे से निभाया, तो यह लोगों के दिलों और यादों में हमेशा के लिए बस गया.”

उन्होंने यह भी कहा कि हर Actor की इच्छा होती है कि वह खुद को नए-नए किरदारों के जरिए फिर से साबित करे.

बता दें कि हिंदी कॉमेडी-ड्रामा सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ में अर्चना पूरन सिंह ने उर्मिला नाम का किरदार निभाया है, जो Political रसूख रखने वाली महिला है. वह निजी जीवन की पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं.

सीरीज को हिमांक गौर ने निर्देशित किया है. इसमें के के मेनन, अर्चना पूरन सिंह और नवीन कस्तूरिया मुख्य भूमिकाओं में हैं.

एनएस/एएस