काश्तकारों की जाति बदली, जमीनों के नक्शों में भी बदलाव

उदयपुर (Udaipur). उपखंड क्षेत्र की 9 ग्राम पंचायतों में बिना भूमि सेंटलमेंट कराए पुराने रिकार्ड के आधार पर ऑनलाइन हुए राजस्व रिकार्ड से खातेदारों के समक्ष कई समस्याएं खड़ी हो गई है. कई किसानों की जमीनों के आराजी नंबर बदल गए तो कई गलत तरमीम कर दी गई. रिकॉर्ड को ऑनलाइन करने की जल्दबाजी में कई खातेदारों की जाति तक गलत दर्ज कर दी गई. पुराने रिकॉर्ड मौजूद होने के बाद इस तरह हुई गलतियों से किसानो को भविष्य में कोर्ट कचहरी में उलझे रहना पड़ सकता है.

क्षेत्र के पड़ावली कलां, पड़ावली खुर्द, अम्बावा, पाडलों का चोरा, वास, मादड़ा, कुकड़ा खेड़ा, वीरपुरा, समीजा को तहसील कोटड़ा से हटा कर तहसील गोगुंदा में मिलाया गया. गोगुंदा तहसील का सेंटलमेंट का कार्य इन ग्राम पंचायतों के उक्त तहसील में शामिल करने से पूर्व ही पूर्ण हो चुका था जिसके कारण उपरोक्त ग्राम पंचायतें नए सेंटलमेंट के कार्य से वङ्क्षचत रह गई. हाल ही में रिकॉड को ऑनलाइन करने में इन पंचायतों के ग्रामीणों के खाते भी शामिल हो गए. इन 9 ग्राम पंचायतों के समस्त ग्रामीणों व चारभुजा मदिंर विकास समिति पड़ावली कला की ओर से भू-प्रबंधक आयुक्त जयपुर (jaipur)को पत्र लिखा गया. आयुक्त ने भू प्रबंधक अधिकारी उदयपुर (Udaipur) को पत्र भेजकर तथ्यात्मक रिपोर्ट भिजवाने के निर्देश दिए हैं. आयुक्त के निर्देश को दो माह पूरे होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

बिना भूमि के सेंटलमेंट कराए रिकॉर्ड के ऑनलाइन करने से इन पंचायतों में भूमि के आराजी नंबर आपस में बदल गए. भूमि के नक्शों की आकृति पूरी तरह बदल दी गई. वर्षो पूर्व बनी डामरीकरण सड़कों पर जमीनों की तरमीम कर दी गई. वाकल क्षेत्र की इन पंचायतों में 50 साल से अधिक पूर्व में बिलानाम जमीनों पर आबाद हुई आवासीय बस्तियों को ऑनलाइन नक्शों में खाली पड़त भूमि बता दी गई है.

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