
New Delhi, 23 जुलाई . संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट परीक्षा पेपर लीक को लेकर सियासी घमासान लगातार जारी है. Thursday को Union Minister शिवराज सिंह चौहान समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया.
उन्होंने कहा कि केंद्र Government छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि Government विकसित India के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए युवाओं की आकांक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर संसद में व्यापक चर्चा चाहती है, लेकिन विपक्ष बार-बार अपना रुख बदल रहा है. पहले विपक्ष चर्चा की मांग करता है, फिर अलग नियम के तहत चर्चा की बात करता है और जब Government हर शर्त मानने को तैयार हो जाती है, तब भी विपक्ष चर्चा नहीं करता क्योंकि विपक्ष को यह डर है कि यदि सदन में बहस होगी तो उसके पुराने रिकॉर्ड और भूमिका पर भी सवाल उठेंगे.
उन्होंने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों के कल्याण से बढ़कर Government के लिए कोई विषय नहीं है. पेपर लीक जैसे अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मुकदमा चलाया जाएगा और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाएगी. उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उसका उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा नहीं, बल्कि केवल Political लाभ हासिल करना और अराजकता फैलाना है.
इस बीच BJP MP अनुराग ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) एक स्वायत्त संस्था है. यदि उसके कामकाज में किसी प्रकार की कमी सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है. उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठे, उनके खिलाफ कदम उठाए गए और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए भी आवश्यक सुधार किए गए.
अनुराग ठाकुर ने कहा कि Government ने युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था का भी फैसला किया है ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके.
उन्होंने कहा, “अगर आप कुल मिलाकर देखें, तो युवा क्या चाहते हैं? एक पारदर्शी सिस्टम, एक फूलप्रूफ सिस्टम, एक लीक-प्रूफ सिस्टम और जो लोग सदियों या सालों से सिस्टम का गलत फायदा उठा रहे थे और पेपर लीक मामलों में शामिल थे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई और सजा का इंतजाम किया गया है. यह पक्का करने के लिए कि दोषियों के खिलाफ सख्त और तुरंत कार्रवाई हो और उन्हें सजा मिले—क्या कांग्रेस नहीं चाहती कि दोषियों को सजा मिले? क्या कांग्रेस नहीं चाहती कि युवाओं को न्याय मिले? असल में कांग्रेस क्या चाहती है? कांग्रेस इसका Politicalरण करना चाहती है.”
वहीं, BJP MP जगदंबिका पाल ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा दोनों ही स्पष्ट कर चुके हैं कि Government इस विषय पर जितनी देर तक विपक्ष चाहे, उतनी देर तक चर्चा के लिए तैयार है. इसके बावजूद विपक्ष लगातार हंगामा कर संसद की कार्यवाही नहीं चलने दे रहा है.
उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही बाधित होने से देश की जनता के करदाताओं के पैसे का नुकसान हो रहा है. उनके अनुसार विपक्ष एक तरफ सड़कों पर आंदोलन की बात करता है और दूसरी ओर संसद के भीतर चर्चा से बचता है, जिससे साफ है कि उसकी प्राथमिकता समाधान नहीं, बल्कि Political टकराव है.
BJP MP तेजस्वी सूर्या ने कहा, “पेपर लीक मुद्दे पर Government का रुख बहुत साफ है. हम छात्रों के साथ खड़े हैं और उनकी जायज मांगों के प्रति पूरी तरह सहानुभूति रखते हैं. Government शिक्षा प्रणाली में व्यापक और बुनियादी सुधार करने के लिए भी प्रतिबद्ध है. यह मुद्दा सिर्फ एक परीक्षा का पेपर लीक होने तक सीमित नहीं है. इस देश में कई वर्षों से राज्य और केंद्र दोनों स्तरों पर पेपर लीक होते रहे हैं. यह एक बहुत गंभीर मामला है, क्योंकि शिक्षा लाखों युवा भारतीयों के लिए अपनी सामाजिक और आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने का सबसे महत्वपूर्ण जरिया है.”.
BJP MP साक्षी महाराज ने भी कहा कि Government हर स्तर पर चर्चा के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि केवल संवाद और बहस के माध्यम से ही किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है. उन्होंने विपक्ष से कहा कि वह संसद की कार्यवाही में भाग लेकर छात्रों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करे.
–
पीआईएम/
Skip to content