
हैदराबाद, 18 जुलाई . हैदराबाद में युवा रैली से पहले तेलंगाना Police ने India राष्ट्र समिति (बीआरएस) की डिप्टी फ्लोर लीडर सबिता इंद्रा रेड्डी और पार्टी नेता आरएस प्रवीण कुमार को नजरबंद किया है. बीआरएस नेताओं ने इस कथित कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और इसे असंवैधानिक बताया.
बीआरएस नेता आरएस प्रवीण कुमार ने एक वीडियो शेयर किया. उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा, “Police ने उन्हें ‘युवा संग्राम सदस्सु’ में शामिल होने से रोकने के लिए नजरबंद किया है.”
लिस की इस कार्रवाई की निंदा करते हुए, दोनों नेताओं ने सवाल उठाया कि तेलंगाना हाईकोर्ट से जनसभा की मंजूरी मिलने के बावजूद उन्हें कैसे नजरबंद किया जा सकता है. उन्होंने इस कदम को मनमाना, अलोकतांत्रिक और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताया.
बीआरएस ने Saturday को सरूरनगर स्टेडियम में अपनी ‘युवा संग्राम सभा’ बुलाई है. इसमें लगभग 10,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है.
Friday को तेलंगाना हाईकोर्ट ने बीआरएस को जनसभा करने की सशर्त मंजूरी दी थी. कार्यक्रम की अनुमति देते हुए कोर्ट ने आयोजकों को निर्देश दिया कि वे सुनिश्चित करें कि पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे.
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मंजूरी कुछ शर्तों के अधीन है. बीआरएस को निर्देश दिया गया कि वह बिना सड़क जाम किए शांतिपूर्ण ढंग से सभा करे और वक्ताओं से कहा गया है कि वे भड़काऊ भाषण न दें.
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने इस आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि Chief Minister ए. रेवंत रेड्डी की कन्वेंशन में बाधा डालने और बेरोजगार युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश नाकाम हो गई है. उन्होंने कहा कि जहां राज्य Government ने मंजूरी देने से इनकार कर दिया था, वहीं हाईकोर्ट ने लोकतांत्रिक अधिकारों को बरकरार रखा.
बीआरएस ने सरूरनगर स्टेडियम को इसलिए चुना, क्योंकि कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने 2023 के विधानसभा चुनावों से पहले यहीं पार्टी का युवा घोषणापत्र जारी किया था. बीआरएस ने आरोप लगाया कि कांग्रेस Government अपने युवा घोषणापत्र के तहत युवाओं और बेरोजगार लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में विफल रही है. केटीआर ने कहा कि छात्र और बेरोजगार युवा चुनाव से पहले किए गए वादों को लागू करने में Government की विफलता पर लगातार सवाल उठा रहे हैं.
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डीसीएच/
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