
हैदराबाद, 20 मई . एक भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) अदालत ने Wednesday को हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के एक शीर्ष अधिकारी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एसए लक्ष्मी कुमार के खिलाफ मामला दर्ज कर Tuesday को उन्हें गिरफ्तार किया और बाद में अदालत में पेश किया. अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जिसके बाद उन्हें चंचलगुड़ा केंद्रीय जेल भेज दिया गया.
हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड के प्रोजेक्ट डिवीजन-VIII (रेड हिल्स) में महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) के पद पर कार्यरत लक्ष्मी कुमार के खिलाफ कार्रवाई तब की गई जब तलाशी के दौरान ₹5.88 करोड़ से अधिक की आय से अधिक संपत्ति का पता चला.
एसीबी के अनुसार, उन्होंने अपनी सेवा अवधि के दौरान भ्रष्टाचार और संदिग्ध तरीकों से अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की. यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है.
1 मई को उनके आवास और उनके रिश्तेदारों, दोस्तों, बेनामी और सहयोगियों से जुड़े आठ अन्य स्थानों पर तलाशी ली गई थी.
तलाशी के दौरान 18 एकड़ कृषि भूमि (निज़ामाबाद और संगारेड्डी), छह खाली प्लॉट, तीन फ्लैट और हैदराबाद में एक मकान से जुड़े दस्तावेज मिले. इसके अलावा ₹1.10 करोड़ नकद, 2.1 किलोग्राम सोने के आभूषण और 9.2 किलोग्राम चांदी के सामान भी बरामद किए गए. साथ ही, एक मारुति रिट्ज कार और एक बजाज मोटरसाइकिल भी जब्त की गई.
एसीबी ने कहा कि कुल मिलाकर जब्त/पाई गई संपत्तियों की दस्तावेजी कीमत ₹5,88,55,490 है जबकि उनका वास्तविक बाजार मूल्य इससे कई गुना अधिक हो सकता है.
एजेंसी ने यह भी बताया कि अतिरिक्त संपत्तियों की जांच अभी जारी है और मामला फिलहाल जांच के अधीन है.
तलाशी अभियान के दौरान एसीबी की कई टीमों ने Wednesday सुबह से ही आठ स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की, जिनमें मल्कापुर स्थित उनका आवास भी शामिल था, जहां नकदी गिनने और गहनों को सील करने की कार्रवाई की गई.
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पीएम
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