बस चालक की बर्खास्तगी पर तेलंगाना सरकार बैकफुट पर, परिवहन मंत्री ने दिए फैसले में बदलाव के संकेत

हैदराबाद, 26 मई . तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीएसआरटीसी) द्वारा एक बस चालक को सत्तारूढ़ कांग्रेस नेताओं की आलोचना करने पर नौकरी से हटाए जाने के बाद विवाद बढ़ गया. इस बीच राज्य परिवहन मंत्री पोनम प्रभाकर ने Tuesday को कहा कि उन्होंने प्रबंधन को अपना फैसला बदलने और चालक को काम पर बनाए रखने की सलाह दी है.

मंत्री ने कहा कि केंद्र Government द्वारा अनाज की खरीद में लापरवाही बरतने के बावजूद राज्य Government यह सुनिश्चित करने के लिए सभी उपाय कर रही है कि खरीद सुचारू रूप से हो. उन्होंने विपक्षी दलों को इस मुद्दे का Politicalरण न करने की सलाह दी.

परिवहन मंत्री ने स्पष्ट किया कि अशोक आरटीसी का कर्मचारी नहीं है. वह केवल आरटीसी द्वारा किराए पर लिया गया बस चालक है. फिर भी, हमने बस प्रबंधन को उसे नौकरी से न हटाने की सलाह दी है. अशोक ने किसानों की ओर से आवाज उठाई और हम इसका स्वागत करते हैं.

इससे पहले, India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता गंगुला कमलाकर और जीवन रेड्डी ने करीमनगर आरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक से मुलाकात कर अशोक की तत्काल बहाली की मांग की.

क्षेत्रीय प्रबंधक ने बीआरएस नेताओं को बताया कि उनके पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. नेताओं ने चालक को बर्खास्त करने के आदेश जारी करने के लिए जगतियाल डिपो प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.

Monday को जगतियाल से धर्मपुरी जा रही बस चलाते समय चालक ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में जगतियाल में सड़क पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस नेताओं की आलोचना की थी.

खबरों के मुताबिक, उसने प्रदर्शनकारियों को किसानों से उपज खरीदने पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी. राज्य मंत्री अडलुरी लक्ष्मण और कांग्रेस विधायक भी इस प्रदर्शन में शामिल थे.

इसके बाद जगतियाल डिपो प्रबंधक ने निजी बस (पीएचबी) के मालिक को पत्र लिखकर चालक को पीएचबी सेवाओं से तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश दिया था.

जगतियाल डिपो के प्रबंधक द्वारा पीएचबी के मालिक चुक्का वेणुगोपाल को लिखे पत्र में कहा गया है कि कांग्रेस के धर्मपुरी मंडल अध्यक्ष सी. लक्ष्मण ने शिकायत की थी कि पीएचबी चालक ने जगतियाल के आरडीओ कार्यालय में धरना दे रहे कांग्रेस पार्टी के नेताओं की आलोचना की.

दूसरी ओर, चालक अशोक ने स्थानीय मीडियाकर्मियों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि वह अपने गांव के एक व्यक्ति से बात कर रहा था जो धरने में भाग ले रहा था. उसने कहा कि उसने उस व्यक्ति से कहा था कि डीजल या पेट्रोल की बात करने के बजाय उसे पहले किसानों से कपास और मक्का खरीदने पर ध्यान देना चाहिए.

उसने किसी भी Political दल या नेता की आलोचना करने से इनकार किया और कहा कि उसने केवल किसानों के बारे में बात की थी.

विपक्षी दलों ने चालक को नौकरी से हटाने के लिए Government की आलोचना की. उन्होंने कहा कि Government द्वारा गोदामों में फंसे मक्का और कपास को तुरंत खरीदने की बात कहने पर अशोक को नौकरी से बर्खास्त करना निंदनीय है.

उन्होंने मांग की कि अशोक को तुरंत उनके पद पर बहाल किया जाए. उन्होंने आगे कहा कि यह निरंकुश शासन, जो सवाल उठाने पर लोगों को नौकरी से निकाल देता है, समाप्त होना चाहिए.

India राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता और पूर्व मंत्री टी. हरीश राव ने ड्राइवर के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा की.

एमएस/