
हैदराबाद, 10 अगस्त . तेलंगाना के Police महानिदेशक (डीजीपी) सी.वी. आनंद ने Monday को तेलंगाना-छत्तीसगढ़-Odisha सीमा पर स्थित करेगुट्टा का दौरा किया, जिसे कभी माओवादियों का एक बड़ा गढ़ माना जाता था, और वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया.
डीजीपी ने दूर-दराज के जंगली इलाके में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया. शांति के प्रतीक के तौर पर उन्होंने सफेद कबूतर भी छोड़े. अधिकारियों ने इसे उस इलाके में बदलाव के तौर पर देखा जो कभी वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित था.
उन्होंने कहा कि 50 साल बाद, अब शांतिपूर्ण हालात वाले इस इलाके का पर्यटन और बुनियादी ढांचे के ज़रिए विकास किया जाएगा.
Police, सीआरपीएफ, वन, राजस्व और अन्य सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से इस इलाके का दौरा किया. यह माओवादी गतिविधियों में कमी के बाद प्रशासन का विकास पर ध्यान देने का संकेत है.
मीडिया से बात करते हुए डीजीपी आनंद ने कहा कि तेलंगाना Police, ग्रेहाउंड्स, स्पेशल Police फोर्स, सीआरपीएफ, कोबरा यूनिट और छत्तीसगढ़ Police के आपसी सहयोग से चलाए गए ऑपरेशन ने इलाके में माओवादी गतिविधियों को काफी कमजोर कर दिया है.
उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन कगार’ के दौरान लगभग 700 माओवादियों ने सरेंडर किया, जबकि कई बड़े नेता मुठभेड़ में मारे गए और अन्य मुख्यधारा में लौट आए. उन्होंने कहा कि देश भर में अब सेंट्रल कमेटी के कुछ ही नेता सक्रिय बचे हैं.
डीजीपी ने कहा कि राज्य Government सरेंडर करने वाले माओवादियों के पुनर्वास के लिए उपाय कर रही है, जिसमें आर्थिक मदद, ज़मीन का आवंटन और रोज़गार के अवसर शामिल हैं. साथ ही, समाज में उनकी वापसी को आसान बनाने के लिए लगातार निगरानी भी की जा रही है.
यह बताते हुए कि करेगुट्टा में पर्यटन की काफी संभावना है, आनंद ने कहा कि Government पर्यावरण और कानूनी नियमों के अनुसार इस इलाके का विकास करना चाहती है.
पामुरु से चलामादावा तक तारकोल वाली सड़क का काम पूरा हो चुका है और जल्द ही बीटी सड़क बनाने का काम शुरू किया जाएगा.
इससे सड़क संपर्क बेहतर हो रहा है और जल्द ही सड़क पर डामर बिछाने का काम शुरू होगा. पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बिजली, मोबाइल कनेक्टिविटी और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी.
दौरे के दौरान, डीजीपी ने पामुरु कैंप के पास रहने वाले गुट्टी कोया परिवारों को ज़रूरी सामान बांटा और उन्हें Government की ओर से लगातार मदद का भरोसा दिलाया.
आनंद ने सेंट्रल रिज़र्व Police फोर्स (सीआरपीएफ) की सेवाओं की भी सराहना की और कहा कि इसके जवान दशकों से माओवाद-विरोधी अभियानों में राज्य Police बलों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ की 196 बटालियन के जवान महीनों तक अपने परिवारों से दूर मुश्किल इलाकों में सेवा देते हैं और इलाके में शांति बहाल करने में उनकी प्रतिबद्धता और पेशेवर रवैये ने अहम भूमिका निभाई है. अतिरिक्त डीजीपी संजय जैन, आईजी चंद्र शेखर रेड्डी, इंटेलिजेंस आईजी कार्तिकेय, एसआईबी एसपी सिंधु शर्मा, मुलुगु कलेक्टर बोरकडे हेमंत सहदेवराव, मुलुगु एसपी सुधीर रामनाथ केकन, जिला वन अधिकारी विकास मीना, सीआरपीएफ अधिकारी और राजस्व, पर्यटन और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे.
–
एससीएच
Skip to content