हैदराबाद, 3 अप्रैल . तेलंगाना में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कथित फोन टैपिंग की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की मांग की है.

भाजपा सांसद के. लक्ष्मण ने बुधवार को कहा कि मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की सरकार के शासनकाल के दौरान फोन टैपिंग की सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री ईमानदार हैं तो उन्हें फोन टैपिंग के पीछे के मास्टरमाइंड के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

लक्ष्मण ने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी सरकार मामले में असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीआरएस का दृष्टिकोण टॉम एंड जेरी की लड़ाई जैसा है. भाजपा नेता ने कहा कि दोनों पार्टियां चुनाव के समय लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए एक-दूसरे पर आरोप लगाती हैं.

राज्यसभा सदस्य ने आरोप लगाया कि चुनाव में सत्तारूढ़ दल के लिए नकदी पुलिस वाहनों में ले जाया गया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि रीयलटर्स और ज्वैलर्स के फोन टैप करके उन्हें लूटा गया.

लक्ष्मण ने कहा कि भाजपा नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर फोन टैपिंग मामले में केंद्र से जांच की मांग करेगा.

बीजेपी सांसद ने कहा कि बीआरएस सरकार के तहत विपक्षी दलों के नेताओं के फोन टैप किए गए और सत्तारूढ़ दल ने इससे राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की.

फोन टैपिंग का मामला पिछले महीने विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी) में कार्यरत पुलिस उपाधीक्षक डी. प्रणीत राव की गिरफ्तारी के साथ सामने आया था. कांग्रेस पार्टी के सत्ता में आने के बाद फोन टैपिंग में कथित संलिप्तता और उसके सबूत नष्ट करने के आरोप में उन्हें निलंबित कर दिया गया था.

पुलिस ने बाद में तीन और अधिकारियों को गिरफ्तार किया. नवीनतम गिरफ्तारी टास्क फोर्स के पूर्व पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राधा किशन राव की है.

पुलिस ने दावा किया कि प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक नेताओं और उनके परिवारों व सत्तारूढ़ दल के भीतर असंतुष्टों की निगरानी के लिए विशेष खुफिया शाखा (एसआईबी) में कथित तौर पर एक विशेष अभियान दल बनाया गया था.

पुलिस ने एसआईबी के पूर्व प्रमुख प्रभाकर राव के लिए लुक-आउट सर्कुलर जारी किया है, जिनके आदेश पर एसआईबी अधिकारियों ने फोन टैपिंग को अंजाम दिया था.

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