क्रांति और यास्तिका पर टीम प्रबंधन को भरोसा, दोनों लंबे समय तक खेलेंगी: निरंजना नागराजन

New Delhi, 16 जुलाई . India की पूर्व तेज गेंदबाज निरंजना नागराजन ने उभरती हुई तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ के गेंदबाजी एक्शन की तुलना अनुभवी पुरुष तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी से की है. उन्होंने क्रांति के शानदार रन-अप की भी तारीफ की. क्रांति की लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ India को मिली 270 रन की जीत में यादगार भूमिका रही थी.

निरंजना नागराजन ने से बातचीत में कहा, “एक तेज गेंदबाज के तौर पर यह मेरे लिए बहुत गर्व का पल है कि क्रांति गौड़ का नाम ऑनर बोर्ड पर लिखा गया और यस्तिका का नाम भी शतकवीर के तौर पर वहां आया. हम इन्हीं पलों के लिए क्रिकेट खेलते और देखते हैं. मैंने क्रांति को कुछ साल पहले तब देखा था जब Madhya Pradesh ने घरेलू वनडे ट्रॉफी जीती थी.”

उन्होंने कहा, “मुझे लगा कि यह लड़की आगे बढ़ेगी. इसमें देश का प्रतिनिधित्व करने की क्षमता है. इसकी वजह उसके रन-अप का शानदार होना था. उसके एक्शन को देखते हुए गलती की गुंजाइश बहुत कम है. निश्चित रूप से, उसे बस सही लेंथ पर गेंदबाजी करने पर ध्यान देना है और उसके एक्शन की वजह से यह अपने आप हो जाता है क्योंकि उसका एक्शन बहुत शानदार है. उसे गेंदबाजी करते और सीम पर गेंद हिट करते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है. मुझे हमेशा लगा कि उसका एक्शन थोड़ा मोहम्मद शमी जैसा है.”

निरंजना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ 13 महीनों में क्रांति की लगातार तरक्की को आगे बढ़ाने में टीम प्रबंधन के भरोसे को भी अहम माना. उन्होंने कहा कि पिछले डेढ़ साल में एक खिलाड़ी के तौर पर उनमें काफी सुधार हुआ है. हरमन ने एक बार कहा था कि हमें ऐसे तेज गेंदबाजों की जरूरत है जिन पर हम भरोसा कर सकें और जिन्हें हम गेंद सौंप सकें. निश्चित रूप से, उन्हें मैनेजमेंट का पूरा साथ मिला है. उनकी प्रतिभा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था.

पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, “भारतीय टीम के लिए उनका अब तक का योगदान शानदार रहा है. पिछले टेस्ट मैच में, खासकर जिस तरह से उन्होंने दौड़कर गेंदबाजी की और सही जगह पर गेंद डाली, वह काबिले-तारीफ था. गेंद सीम पर गिरी और वह अंदर और बाहर, दोनों तरह की गेंदें डालने में कामयाब रहीं. मुझे लगता है कि वह अभी और आगे जाएंगी. वह पहले से ज्यादा मजबूत हुई हैं. अब वह दबाव को संभालने के लिए मानसिक रूप से भी बेहतर स्थिति में हैं. वह फिट और फुर्तीली दिखती हैं.”

उन्होंने कहा, “जब भी मैं किसी को अच्छा करते हुए देखती हूं, तो मुझे खुशी होती है. मुझे लगता है कि उनमें आगे बढ़ने की भूख है और एक तेज गेंदबाज के लिए यही सबसे जरूरी चीज है. मैं उन्हें शुभकामनाएं देती हूं और उम्मीद करती हूं कि वह अपना अच्छा काम जारी रखेंगी. जब मैंने उन्हें लॉर्ड्स से घर पर अपने माता-पिता से बात करते देखा, तो वह पल बहुत सुखद था. यह वाकई बहुत अच्छा था और उम्मीद है कि वह देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करती रहेंगी. वह निश्चित रूप से खास हैं और अगर मैं सही हूं, तो उन्हें कम से कम अगले 7-8 साल तक India के लिए खेलना चाहिए.”

निरंजना ने क्रांति के अलावा लॉर्ड्स में शतक लगाने वाली बल्लेबाज यास्तिका भाटिया की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, “यास्तिका की पारी भी उतनी ही अहम थी. उसने पहला अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया. वह लॉर्ड्स में टेस्ट मैच में शतक लगाने वाली पहली महिला बन गईं. यह उपलब्धि तब मिली जब वह घुटने की चोट के कारण India के 2025 वनडे विश्व कप अभियान का हिस्सा नहीं बन पाई थीं. टी20 विश्व कप में भी उनका प्रदर्शन साधारण रहा था.”

उन्होंने कहा, “चोट से उबरना कभी आसान नहीं होता. मन में शक भी होता है. धीरे-धीरे, आप लोगों की बातें सुनने लगते हैं कि चोट के बारे में क्या कहा जा रहा है. हर दिन आपको लगता है कि मैं कब वापस जाऊंगी और मैदान पर बल्लेबाजी करूंगी? यह प्रक्रिया भी धीमी होती है. आपको खेल में वापसी के लिए सही दिन का इंतजार करना होता है. यह सब होता है. यह एक मानसिक लड़ाई है और वह इससे बहुत अच्छे से उबरकर आई हैं.”

पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, “उन्होंने मैनेजमेंट के भरोसे को कायम रखा है. सच कहूं तो, यह वाकई एक सुखद आश्चर्य था. हमें पता था कि वह हमेशा से काबिल रही हैं. वह अच्छी स्थिति में नहीं थीं और अच्छे फॉर्म में भी नहीं दिख रही थीं—सच कहें तो. यहां जिस चीज ने उन्हें अलग बनाया, वह है उनकी मानसिक मजबूती, जो उन्होंने उन 100 रनों की पारी के दौरान दिखाई. चोट से उबरकर आना यह बताता है कि वह कितनी मजबूत हैं. यह उनके चरित्र के बारे में बहुत कुछ बताता है. कभी-कभी, जब आप टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं, तो आपको चरित्र की जरूरत होती है. यह उनके लिए शानदार शुरुआत है और मुझे लगता है कि उन्हें अभी लंबा सफर तय करना है.”

उन्होंने टेस्ट में India के हालिया शानदार नतीजों के पीछे एक अहम वजह बीसीसीआई द्वारा घरेलू मल्टी-डे टूर्नामेंट को फिर से शुरू करने को भी बताया. पूर्व तेज गेंदबाज ने कहा, “हो सकता है कि इंग्लैंड घरेलू रेड-बॉल मैच खेलने पर ज्यादा ध्यान न देता हो. लेकिन टेस्ट क्रिकेट खेलने के मामले में वे निश्चित रूप से ज्यादा अनुभवी हैं क्योंकि हाल के समय में उन्होंने India से ज्यादा टेस्ट मैच खेले हैं. वे नियमित रूप से एशेज खेलते हैं और उन्हें इसका अनुभव है, साथ ही वे घरेलू परिस्थितियों में भी खेलते रहे हैं. मैं यहां जिस बात पर जोर देना चाहती हूं, वह यह है कि घरेलू स्तर पर मल्टी-डे फॉर्मेट शुरू किया गया था – इससे मानसिक तैयारी में बहुत मदद मिली है, जैसे कि गेंद को कैसे छोड़ना है या शायद पारी को कैसे आगे बढ़ाना है, और यह धैर्य की लड़ाई है. टेस्ट क्रिकेट में, आपको निश्चित रूप से बिना विकेट लिए 7-8 ओवर तक गेंदबाजी करनी पड़ सकती है. चाहे आप बल्लेबाज हों या गेंदबाज, आपको बहुत धैर्य रखना पड़ता है. लड़कियां जब घरेलू स्तर पर ये चीजें कर चुकी होती हैं, तो उन्हें कम से कम इसका अनुभव हो जाता है.”

निरंजना ने कहा कि 2-3 साल पहले, लड़कियों को लंबे फॉर्मेट के बारे में कोई अंदाजा नहीं था. अब, लड़कियों को निश्चित रूप से पता है कि लंबा फॉर्मेट क्या होता है. अगर लंबे फॉर्मेट वाली लड़कियों के लिए कोई खास कैंप शुरू किया जाए, तो मुझे हैरानी नहीं होगी. हो सकता है कि वे तकनीकी रूप से बहुत मजबूत हों या कोई गेंदबाज लगातार सही लेंथ पर गेंदबाजी कर रहा हो. उन्हें चुनकर टेस्ट क्रिकेट के लिए तैयार किया जा सकता है. ये सभी उपाय शायद निकट भविष्य में अपनाए जाएंगे. लेकिन घरेलू सिस्टम का निश्चित रूप से असर पड़ा है. महिला प्रीमियर लीग आने के बाद से भारतीय महिला क्रिकेट टीम में बड़ा परिवर्तन आया है.

उनसे जब पूछा गया कि क्या टैलेंट की इस सप्लाई को बनाए रखने के लिए मल्टी-डे रेड-बॉल स्ट्रक्चर को कम उम्र के लेवल तक ले जाना चाहिए, तो निरंजना ने सावधानी बरतने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि अंडर-23 का स्तर रेड-बॉल क्रिकेट विकास के लिए सबसे उपयुक्त है. अगर आप किसी भी सीनियर टीम को देखें, तो ज्यादातर 70 प्रतिशत खिलाड़ी अंडर-23 या ज्यादा से ज्यादा 25-26 साल के होते हैं. मैं अंडर-19 के लिए सुझाव नहीं दूंगी क्योंकि यह एक ऐसी उम्र है जब खिलाड़ी के तौर पर आपका विकास हो रहा होता है.

मैच की बात करें को इंग्लैंड के खिलाफ India को लॉर्ड्स टेस्ट में मिली 270 रन की जीत में क्रांति गौड़ और यास्तिका भाटिया की अहम भूमिका रही थी. क्रांति ने पहली पारी में 5 विकेट लेकर India को 115 रन की अहम बढ़त दिलवाया था, जबकि यास्तिका ने दूसरी पारी में शतक लगाकर उस बढ़त को विशाल मजबूत बनाया था.

पीएके