नासिक केस में टीसीएस ने शामिल कर्मचारियों को सस्पेंड किया, कहा- शोषण को लेकर कंपनी में जीरो टॉलरेंस नीति

New Delhi, 12 अप्रैल . टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने Sunday को कहा कि उसने नासिक मामले के संबंध में जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है और वह अधिकारियों के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रही है.

इसके साथ टीसीएस ने कहा कि शोषण के खिलाफ कंपनी में जीरो टॉलरेंस नीति है और जारी कार्रवाई के परिणाम के आधार पर आगे के एक्शन लिए जाएंगे.

India की सबसे बड़ी आईटी सेवा निर्यातक कंपनी नासिक स्थित अपनी इकाई में यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन की कथित घटनाओं को लेकर कई First Information Report दर्ज होने के बाद जांच के दायरे में आ गई है.

खबरों के मुताबिक, इस मामले में कुल नौ First Information Report दर्ज की गई हैं. विवाद मार्च में शुरू हुआ जब एक महिला ने अपने सहकर्मी पर शादी का झूठा वादा करके शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया.

जांच के दौरान Police को अतिरिक्त शिकायतें मिलीं, जिसके चलते इसी तरह के आरोपों से संबंधित आठ और First Information Report दर्ज की गईं.

उत्पीड़न या दबाव के किसी भी रूप के प्रति अपनी “जीरो टॉलरेंस” नीति को दोहराते हुए एक आधिकारिक बयान में, टीसीएस ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही उसने तुरंत कार्रवाई की. जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है और कंपनी ने पुष्टि की है कि वह कानून प्रवर्तन अधिकारियों के साथ पूर्ण सहयोग कर रही है.

कंपनी ने आगे कहा कि आगे की कार्रवाई चल रही जांच के परिणाम पर निर्भर करेगी.

अब तक, इस मामले में कम से कम छह कर्मचारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. ये गिरफ्तारियां नासिक Police आयुक्त कार्यालय को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर की गईं.

इस बीच, Maharashtra के Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए मामले को “बेहद गंभीर” बताया है. उन्होंने नासिक Police की त्वरित कार्रवाई की सराहना भी की. विस्तृत जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है.

एबीएस/