तीन करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य पूरा, अब छह करोड़ का संकल्प: शिवराज सिंह चौहान

New Delhi, 18 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से उद्घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को धरातल पर उतारने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्रालयों के अंतर्गत विभागों का संकल्प कार्यक्रम Union Minister शिवराज सिंह चौहान की पहल पर Tuesday को पूसा स्थित सी. सुब्रमण्यम सभागार में आयोजित किया गया.

‘शक्ति की सप्तधारा से कृषि और ग्रामीण विकास को नई दिशा’ नामक इस कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, वैज्ञानिकों, किसानों, लखपति दीदियों, फूड प्रोसेसर्स, निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठनों के प्रतिनिधियों को विकसित, समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त India के निर्माण का संकल्प दिलाया. कार्यक्रम में राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी तथा डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासामी और चारों विभागों के सचिव भी उपस्थित रहे.

इस अवसर पर Union Minister शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने ‘शक्ति की सप्तधारा’ के माध्यम से विकसित India के निर्माण का स्पष्ट मार्ग देश के सामने रखा है. कृषि और फूड प्रोसेसिंग इस सप्तधारा की महत्वपूर्ण शक्ति है. देश को कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और वैश्विक मानकों के अनुरूप उत्पादन पर भी ध्यान देना होगा, ताकि भारतीय किसानों के उत्पाद दुनिया के बाजार में मजबूती से अपनी पहचान बना सकें.

उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े पूरे परिवार का सामूहिक संकल्प है. इस परिवार में किसान, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी, प्रोसेसर, निर्यातक, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं और किसान उत्पादक संगठन सभी बराबर के भागीदार हैं. प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है और सभी को मिलकर Prime Minister जी के विजन को सफल बनाना है.

Union Minister चौहान ने कहा कि Prime Minister Narendra Modi ने देशवासियों से स्पष्ट रूप से कहा है कि व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को स्थान दिया जाए और कर्तव्य को अपनी पहचान बनाया जाए. उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल आजीविका का साधन नहीं है, बल्कि यह देश और जनता की सेवा का संकल्प है. चौहान ने कहा कि किसानों, गरीबों, माताओं-बहनों और ग्रामीण समाज की सेवा करना India माता की पूजा के समान है. अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन ही सच्ची देशभक्ति है. Prime Minister जी द्वारा लाल किले से लिए गए संकल्पों को पूरा करने की पहली जिम्मेदारी मंत्रियों, अधिकारियों और कर्मचारियों की है. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विभागों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें, ठोस रोडमैप तैयार करें और पूरी निष्ठा, ईमानदारी तथा परिश्रम के साथ उसे लागू करें. उन्होंने कहा कि Prime Minister जी के संकल्प तभी पूरे होंगे, जब हम सभी उन्हें अपना संकल्प मानकर काम करेंगे.

चौहान ने कहा कि भारतीय कृषि को खेत से लेकर वैश्विक बाजार तक जोड़ना समय की आवश्यकता है. देश के किसानों के पास मिर्च, मसाले, फल, फूल, पारंपरिक खाद्य उत्पाद और अनेक कृषि उपजों की बड़ी विविधता है. इन उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें वैश्विक बाजारों की मांग के अनुरूप तैयार किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात के माध्यम से किसानों की आय में महत्वपूर्ण वृद्धि की जा सकती है. किसान, प्रोसेसर और निर्यातक एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. इसलिए इन सभी को एक मंच पर लाकर समन्वित तरीके से काम करने की आवश्यकता है.

Union Minister शिवराज सिंह ने कहा कि यदि भारतीय कृषि उत्पादों में गुणवत्ता, शुद्धता और विश्वसनीयता होगी, तो वैश्विक बाजार उन्हें स्वीकार करेंगे. प्राकृतिक खेती, जैविक खेती और रसायन-मुक्त खेती से तैयार उत्पादों की देश और दुनिया में मांग लगातार बढ़ रही है. इस दिशा में किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, बाजार की जानकारी और बेहतर प्रसंस्करण सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी.

उन्होंने कहा कि देश में कृषि के लिए राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ प्रत्येक राज्य और जिले का अलग कृषि रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए. India के अलग-अलग क्षेत्रों में जलवायु, मिट्टी, पानी और फसल की परिस्थितियां अलग हैं, इसलिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार फसल उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन की योजनाएं बनाई जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि देश और दुनिया के बाजार में किस फसल की कितनी मांग है, इसका वैज्ञानिक आकलन करना आवश्यक है. इसी आधार पर किसानों से संवाद कर उन्हें उपयुक्त फसलों, बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक कृषि पद्धतियों के लिए प्रेरित किया जा सकता है. कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, कृषि विज्ञान केंद्रों, राज्य Governmentों और अन्य संस्थानों को मिलकर किसानों तक नई तकनीक पहुंचानी होगी. उन्होंने कहा कि तकनीक, मशीनीकरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, बेहतर बीज और आधुनिक कृषि पद्धतियों का इस्तेमाल बढ़ाकर उत्पादन और उत्पादकता दोनों में वृद्धि की जा सकती है.

Union Minister शिवराज सिंह ने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए Government की प्राथमिकता उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना, गुणवत्ता सुधारना और किसानों को उचित मूल्य दिलाना है. किसानों को मौसम, बाजार और उत्पादन से जुड़ी सही जानकारी समय पर उपलब्ध कराना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती, जैविक खेती, सिंचाई, जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और कृषि आधारित आय के अन्य साधनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए एकीकृत कृषि प्रणाली और स्थानीय संसाधनों पर आधारित मॉडल विकसित किए जाने चाहिए. चौहान ने कहा कि कृषि क्षेत्र की उपलब्धियां महत्वपूर्ण हैं, लेकिन ये केवल पड़ाव हैं, मंजिल नहीं. Prime Minister श्री Narendra Modi ने नए लक्ष्य दिए हैं और अब उन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सभी विभागों को और अधिक गति तथा गंभीरता से काम करना होगा.

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में लखपति दीदी योजना को महत्वपूर्ण बताते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि तीन करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है. अब Prime Minister मोदी ने छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य दिया है. उन्होंने कहा कि तीन करोड़ नई लखपति दीदियों का निर्माण ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा. स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार और उद्यमिता के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं.

Union Minister ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए ‘शी-मार्ट्स’ और ब्रांडिंग जैसी पहलों को बढ़ावा दिया जाएगा. ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हस्तशिल्प, खाद्य उत्पाद, आयुर्वेदिक सामग्री, पारंपरिक वस्तुओं और अन्य उत्पादों को देश-विदेश के बाजारों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल महिलाओं की आय बढ़ाने तक सीमित नहीं है. इससे परिवार, गांव और पूरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होती है. ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना विकसित India के निर्माण की महत्वपूर्ण शर्त है.

उन्होंने कहा कि विकसित India का निर्माण विकसित गांवों के बिना संभव नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकान, सड़क, जल संरक्षण, रोजगार, आजीविका, महिला सशक्तिकरण और कृषि आधारित गतिविधियों को गति दी जा रही है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी सभी योजनाओं का प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए. अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयों के साथ-साथ क्षेत्र में जाकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति देखनी होगी. विभागीय आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है.

Union Minister चौहान ने जल सुरक्षा, नदियों के पुनर्जीवन, भूमि संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता का वास्तविक मूल्यांकन गांव और लाभार्थी के स्तर पर होना चाहिए.

चौहान ने अधिकारियों और कर्मचारियों को काम के प्रति समर्पण का संदेश देते हुए सफलता के चार सूत्र बताए- पांव में चक्कर, मुंह में शक्कर, सीने में आग और माथे पर बर्फ. उन्होंने कहा कि ‘पांव में चक्कर’ का अर्थ है लगातार चलते रहना और जरूरत पड़ने पर क्षेत्र में जाकर काम की समीक्षा करना. ‘मुंह में शक्कर’ का अर्थ है सहयोगियों और आम लोगों के साथ मधुर व्यवहार करते हुए मजबूत टीम बनाना. ‘सीने में आग’ लक्ष्य को प्राप्त करने का जुनून और जज्बा है, जबकि ‘माथे पर बर्फ’ का अर्थ है कठिन परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन बनाए रखना. उन्होंने कहा कि किसी प्रयास में पहली बार सफलता न मिले तो निराश होने के बजाय बार-बार प्रयास करना चाहिए. निरंतर परिश्रम और धैर्य से सफलता अवश्य प्राप्त होती है.

Union Minister ने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े सभी पक्षों को एक साथ मिलकर काम करना होगा. किसान, वैज्ञानिक, अधिकारी, कर्मचारी, प्रोसेसर, निर्यातक, किसान उत्पादक संगठन और स्वयं सहायता समूह इस पूरी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण अंग हैं.

उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान संस्थानों और कृषि विज्ञान केंद्रों को किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार अनुसंधान और तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने चाहिए. खेत से बाजार तक पूरी मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने से किसानों को बेहतर आय और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद मिलेंगे. श्री चौहान ने कहा कि Prime Minister श्री Narendra Modi के नेतृत्व में India आत्मनिर्भरता और विकसित India की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस यात्रा में कृषि और ग्रामीण विकास विभागों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है.

कार्यक्रम में किसानों, लखपति दीदियों, निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठन के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए. ललिता ने लखपति दीदी और महिला सशक्तिकरण से जुड़े अपने अनुभव तथा ग्रामीण महिलाओं की उपलब्धियों के बारे में विचार व्यक्त किए. विनोद कुमार सैनी ने किसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े अनुभव साझा करते हुए उत्पादन, तकनीक और बाजार से संबंधित विषयों पर अपनी बात रखी. मुकेश जैन ने कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े सुझाव दिए, जबकि श्री प्रफुल्ल गोस्वामी ने किसान उत्पादक संगठनों और किसानों को बाजार से जोड़ने के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए. कार्यक्रम में किसान, लखपति दीदियां, निर्यातकों, फूड प्रोसेसर्स और एफपीओ के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे. सभी प्रतिभागियों ने किसानों की आय बढ़ाने, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का संकल्प व्यक्त किया.

कार्यक्रम में चारों सचिवों ने भी अपने विभागों का रोडमैप और प्राथमिकताएं प्रस्तुत कीं. डॉ. मांगीलाल जाट, सचिव, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग तथा महानिदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने कृषि अनुसंधान, नई तकनीक और वैज्ञानिक नवाचार पर विचार व्यक्त किए. श्री अतीश चंद्र, सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने कृषि उत्पादन, किसानों की आय और गुणवत्ता सुधार से जुड़े विषयों पर अपनी बात रखी. रोहित कंसल, सचिव, ग्रामीण विकास विभाग ने लखपति दीदी योजना, ग्रामीण आजीविका और विकसित गांवों के निर्माण से जुड़ी प्राथमिकताएं साझा कीं. नरेंद्र भूषण, सचिव, भूमि संसाधन विभाग ने भूमि संरक्षण, जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर विचार व्यक्त किए.

कार्यक्रम के अंत में Union Minister शिवराज सिंह चौहान ने सभी उपस्थित लोगों को सामूहिक संकल्प दिलाया कि वे Prime Minister Narendra Modi द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर उद्घोषित ‘शक्ति की सप्तधारा’ को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा, समर्पण और सामर्थ्य के साथ कार्य करेंगे. संकल्प में कृषि को समृद्ध, खाद्य उत्पादन को सशक्त और खाद्य प्रसंस्करण को व्यापक बनाने, भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने, अन्नदाता की आय बढ़ाने और उसकी मेहनत को सम्मान दिलाने का संकल्प लिया गया.

इस अवसर पर सभी ने तीन करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य पूरा होने के बाद अब छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने के संकल्प को साकार करने, व्यक्तिगत हितों से ऊपर राष्ट्रहित को स्थान देने और कर्तव्य को अपनी पहचान बनाने का प्रण लिया. चौहान ने कहा कि Prime Minister मोदी ने विकसित India का जो सपना देखा है, उसे संकल्प, सामर्थ्य और सफलता में बदलना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े सभी लोग मिलकर India को समृद्ध, सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित बनाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे.

डीकेपी/