
नागपट्टिनम, 20 अगस्त . तमिलनाडु के वेदारण्यम में नमक उत्पादक अनुमानित उत्पादन का लगभग 85 प्रतिशत पूरा कर लेने के बाद इस वर्ष के 1.75 लाख टन के उत्पादन लक्ष्य को प्राप्त करने को लेकर आश्वस्त हैं. भीषण गर्मी के लंबे दौर ने मौसम की शुरुआत में बेमौसम बारिश के कारण हुई रुकावटों के बाद उत्पादन में तेजी लाने में मदद की है.
नागपट्टिनम जिले के वेदारण्यम क्षेत्र के प्रमुख उत्पादन केंद्रों, अगस्थियामपल्ली, कोडियाक्कडु और कडिनलवायल में लगभग 3,000 एकड़ में नमक का निर्माण किया जाता है.
इस उद्योग में लगभग 800 लघु स्तरीय निर्माता शामिल हैं, जो बड़ी संख्या में श्रमिकों को मौसमी रोजगार प्रदान करते हैं. उत्पादन आमतौर पर फरवरी में शुरू होता है और अक्टूबर में उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन तक जारी रहता है.
सीजन का एक महीने से अधिक समय शेष है और मानसून के अक्टूबर के आसपास आने की उम्मीद है, उत्पादकों का मानना है कि यदि शुष्क मौसम जारी रहता है तो शेष लक्ष्य को आसानी से प्राप्त किया जा सकता है.
वेदारण्यम का लघु नमक उद्योग सामान्यतः प्रतिवर्ष 1.7 लाख से 2 लाख टन नमक का उत्पादन करता है. हालांकि, पिछले वर्ष भारी वर्षा ने परिचालन को बुरी तरह प्रभावित किया, जिससे उत्पादन सामान्य लक्ष्य के केवल 40 प्रतिशत तक ही सीमित रहा.
मौजूदा सीजन के शुरुआती महीनों में रुक-रुक कर हुई बारिश ने नमक के खेतों में काम को बार-बार बाधित किया. मई में लगातार गर्म मौसम शुरू होने के बाद उत्पादन में जबरदस्त सुधार हुआ. लगातार जारी गर्मी के कारण वाष्पीकरण बढ़ गया है और नमक के क्रिस्टल अधिक तेजी से बनने लगे हैं.
निर्माताओं ने बताया कि नमक के खेतों में बारिश के बाद कम से कम एक सप्ताह तक लगातार धूप की आवश्यकता होती है ताकि नमक का सही क्रिस्टलीकरण फिर से शुरू हो सके. शेष सप्ताहों में और बारिश होने से उत्पादन में देरी हो सकती है, लेकिन मौजूदा मौसम की स्थिति से उम्मीद है कि सीजन समाप्त होने से पहले लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा.
दिन की भीषण गर्मी से बचने के लिए श्रमिकों ने अपने कार्य समय में बदलाव किया है. वे सुबह 3 बजे से ही काम शुरू कर देते हैं और अपेक्षाकृत ठंडे सुबह के घंटों के दौरान नमक की कटाई, संग्रहण और ढेर लगाने का काम पूरा कर लेते हैं.
वेदारण्यम खाद्य और औद्योगिक दोनों प्रकार के नमक का उत्पादन करता है. कुल उत्पादन में खाद्य नमक का हिस्सा लगभग 60 प्रतिशत है, जबकि औद्योगिक नमक शेष 40 प्रतिशत है.
उत्पाद की आपूर्ति तमिलनाडु और पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और केरल के बाजारों में की जाती है. मांग और उपलब्धता के आधार पर कीमतें प्रतिदिन बदलती रहती हैं.
वेदारण्यम में उत्पादित नमक औसतन लगभग 1,000 रुपये प्रति टन के भाव से बिकता है. उत्पादकों का अनुमान है कि अनुकूल मौसम की स्थिति में प्रत्येक एकड़ से प्रतिवर्ष लगभग 150 टन नमक का उत्पादन होता है.
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