
चेन्नई, 13 मई . नवगठित ‘तमिलगा वेट्री कजगम’ (टीवीके) Government के लिए एक बड़ी शर्मिंदगी की बात यह रही कि Chief Minister सी. जोसेफ विजय के निजी ज्योतिषी, रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल की, Chief Minister के ‘विशेष कर्तव्य अधिकारी’ (ओएसडी-पॉलिटिकल) के तौर पर की गई नियुक्ति को Wednesday को रद्द कर दिया गया. विजय Government ने यह फैसला तमिलनाडु विधानसभा में Government द्वारा विश्वास मत जीतने के तुरंत बाद लिया.
यह फैसला विपक्षी पार्टियों, social media यूजर्स और यहां तक कि सत्ताधारी गठबंधन के सहयोगियों की कड़ी आलोचना के बाद लिया गया. इन सभी ने टैक्स देने वालों के पैसे से चलने वाले एक सरकारी पद पर किसी ज्योतिषी को नियुक्त करने के पीछे के तर्क पर सवाल उठाए थे.
रिकी राधन पंडित वेट्रिवेल को Tuesday को जारी एक आधिकारिक सरकारी आदेश के जरिए ओएसडी-पॉलिटिकल (Political विशेष कार्य अधिकारी) के तौर पर नियुक्त किया गया था.
विजय के करीबी विश्वासपात्र माने जाने वाले वेट्रिवेल ने विधानसभा चुनावों के दौरान टीवीके के प्रचार अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई थी और पार्टी के प्रवक्ताओं में से एक के तौर पर भी काम किया था.
इससे पहले, उन्होंने चुनाव नतीजों से पहले विजय के लिए ‘सुनामी जैसी जीत’ की भविष्यवाणी करके सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था.
यह विवाद तमिलनाडु विधानसभा के अंदर तब शुरू हुआ, जब Chief Minister विजय द्वारा पेश किए गए विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी. कई विधायकों ने इस नियुक्ति की खुले तौर पर आलोचना की, जिससे Government को सत्ता संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर दबाव का सामना करना पड़ा.
विदुथलाई चिरुथाइगल काची ( के) के विधायक वन्नी अरसु ने कहा कि Government को ज्योतिष और अंधविश्वास को बढ़ावा देने के बजाय वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना चाहिए.
डीएमडीके नेता प्रेमलता विजयकांत ने भी इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि अगर रिकी राधन पंडित सिर्फ Chief Minister के निजी सलाहकार थे, तो उन्हें कोई आधिकारिक सरकारी पद देने के बजाय निजी भूमिका में ही काम जारी रखना चाहिए था.
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि इस तरह की नियुक्ति से युवाओं और समाज के पढ़े-लिखे तबके को क्या संदेश जाएगा.
यह विवाद जल्द ही विधानसभा के बाहर भी फैल गया. कांग्रेस सांसद और पूर्व आईएएस अधिकारी शशिकांत सेंथिल ने social media पर इस नियुक्ति की आलोचना करते हुए पूछा कि किसी ज्योतिषी को ओएसडी पद की क्या जरूरत है.
सीपीआई(एम) के प्रदेश सचिव पी. शनमुगम और सीपीआई नेता एम. वीरपांडियन ने भी इस कदम की निंदा करते हुए कहा कि यह संवैधानिक मूल्यों, धर्मनिरपेक्ष शासन और वैज्ञानिक सोच के खिलाफ है.
रिकी राधन पंडित की आधिकारिक वेबसाइट का दावा है कि उनके पूर्व Chief Minister जे. जयललिता के साथ करीबी संबंध थे और उन्होंने उनके Political करियर के अहम दौर में एआईएडीएमके नेतृत्व को अंक ज्योतिष, चुनावी रणनीति, कानूनी मामलों और Political फैसलों पर सलाह दी थी.
कई तरफ से बढ़ती आलोचना का सामना करते हुए, टीवीके Government ने आखिरकार Wednesday को नियुक्ति का आदेश वापस ले लिया.
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एससीएच
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