
चेन्नई, 20 मई . तमिलनाडु ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 की सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएसएलसी) कक्षा 10 बोर्ड परीक्षाओं में 94.31 प्रतिशत का प्रभावशाली कुल उत्तीर्ण प्रतिशत दर्ज किया है. परीक्षा निदेशालय (डीजीई) द्वारा घोषित परिणामों के बारे में Wednesday को यह जानकारी दी गई.
राज्यभर में आयोजित इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक परीक्षा में शामिल हुए नौ लाख से अधिक छात्र अब Government द्वारा उपलब्ध कराए गए विभिन्न माध्यमों से अपने अंक देख सकते हैं.
तमिलनाडु में एसएसएलसी परीक्षाएं मार्च और अप्रैल के दौरान राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थीं. लाखों छात्रों ने अपने शैक्षणिक जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ावों में से एक मानी जाने वाली इस परीक्षा में हिस्सा लिया. परिणाम घोषित होने के बाद कई हफ्तों से इंतजार कर रहे छात्रों और अभिभावकों ने राहत और खुशी महसूस की.
छात्र अपनी अस्थायी अंकतालिका (प्रोविजनल मार्कशीट) आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं.
ऑनलाइन अंक देखने के लिए छात्रों को वेबसाइट पर निर्धारित स्थान में अपना पंजीकरण नंबर और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी. शिक्षा अधिकारियों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे लॉगिन करने से पहले अपना हॉल टिकट तैयार रखें, ताकि किसी प्रकार की देरी न हो और परिणाम आसानी से प्राप्त किए जा सकें.
अधिकारियों ने यह भी कहा कि बड़ी संख्या में छात्र एक साथ वेबसाइटों पर पहुंच सकते हैं, जिससे अस्थायी तकनीकी देरी हो सकती है. ऐसे में छात्रों और अभिभावकों से घबराने की जरूरत नहीं है.
ऑनलाइन सुविधा के अलावा छात्र अपने स्कूलों से भी परीक्षा परिणाम प्राप्त कर सकते हैं. राज्यभर के स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे छात्रों और अभिभावकों को बिना किसी असुविधा के परिणाम देखने और सत्यापित करने में सहायता करें.
Government ने व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए एसएमएस सेवा के माध्यम से भी परीक्षा परिणाम भेजने की व्यवस्था की है. स्कूल के छात्रों को उनके स्कूल में दर्ज मोबाइल नंबर पर परिणाम संबंधी जानकारी भेजी जाएगी जबकि निजी परीक्षार्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर पर सूचना मिलेगी.
स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों तक परिणाम तेजी और आसानी से पहुंचाने तथा सर्वर पर दबाव कम करने के लिए कई विकल्प उपलब्ध कराए गए हैं. विभाग ने कहा कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य शैक्षणिक वर्ष के सबसे व्यस्त परिणाम दिवसों में से एक पर छात्रों को सुगम अनुभव प्रदान करना है.
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पीएम
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