
श्रीनगर, 23 जुलाई . जम्मू-कश्मीर के Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने अनंतनाग जिले में हुए आतंकी हमले के बाद लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दो सक्रिय आतंकवादियों के घर गिराए जाने पर प्रतिक्रिया दी है. Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने Thursday को कहा कि हालात सुधारने के लिए लोगों को साथ लेकर चलना चाहिए, क्योंकि घर गिराने से स्थिति में सुधार नहीं होगा.
यहां पत्रकारों से बात करते हुए उमर अब्दुल्ला ने अनंतनाग में एलईटी के दो आतंकवादियों के घर गिराए जाने पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि Wednesday को अनंतनाग में हुए आतंकी हमले में एक Policeकर्मी की मौत के बाद बदले की भावना से की गई ऐसी कार्रवाई से हालात सुधारने में मदद नहीं मिलेगी. मैं Police के गुस्से को समझता हूं, लेकिन Supreme Court ने आदेश दिया है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए.
Chief Minister ने कहा कि हमने पहलगाम हमले (अप्रैल 2025 में) के बाद भी ऐसी ही स्थिति देखी थी, जब कुछ लोगों के घर बुलडोजर से गिरा दिए गए थे. उस समय, मुझे इस चलन को रोकने के लिए केंद्र Government से बात करनी पड़ी थी.
Wednesday को अनंतनाग शहर में यात्रा ड्यूटी के दौरान हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की आतंकवादियों द्वारा हत्या किए जाने के बाद Wednesday और Thursday की दरमियानी रात को आतंकवादी आदिल ठोकर और हारून रशीद गनाई के घरों को ढहा दिया गया.
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच के दौरान यह पता चला कि इसमें कोई भी स्थानीय व्यक्ति शामिल नहीं था और सभी हमलावर बाहर से आए थे.
उन्होंने कहा कि घर गिराने या हजारों गिरफ्तारियां करने से हालात नहीं सुधरेंगे; बल्कि, इससे स्थिति और खराब ही होगी.
अपने पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अपने अनुभव के आधार पर वे कह सकते हैं कि लोगों को साथ लिए बिना हिंसा के दौर को खत्म नहीं किया जा सकता.
उन्होंने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद, आम जनता ने अपना गुस्सा दिखाया और आतंकी हमले के खिलाफ आवाज उठाई. आज भी लोग इस बात से गुस्से में हैं कि हेड constable आशिक को बेरहमी से कैसे मारा गया.
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एमएस/
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