
New Delhi, 19 मई . स्ट्रीट डॉग से जुड़े मामले पर Supreme Court ने Tuesday को फैसला सुनाया. सर्वोच्च न्यायालय ने सार्वजनिक स्थानों से लावारिस कुत्तों को हटाने के अपने फैसले को बरकरार रखा है. इस फैसले पर अधिवक्ताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है.
एडवोकेट विवेक शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि यह न्यायपालिका की ओर से उठाया गया एक बहुत अच्छा फैसला है. इसको मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बांटा गया है. आर्टिकल 21 के अंतर्गत राइट टू लाइफ को एक महत्वपूर्ण मौलिक अधिकार माना गया है.
एडवोकेट ननिता शर्मा ने कहा कि यह फैसला बहुत संतुलित तरीके से नहीं आया है. उन्होंने इंसानों के बारे में तो बहुत कुछ कहा है, लेकिन जानवरों के बारे में कुछ भी नहीं कहा. जानवरों के साथ भी तो इतनी क्रूरता हो रही है. उन्होंने कहा कि Supreme Court ने हमारी सारी एप्लीकेशन डिसमिस कर दी. अगर किसी को कुत्ता काटता है तो उसकी जिम्मेदारी स्टेट की होगी.
एडवोकेट आदित्य झा ने कहा कि स्ट्रीट डॉग्स से जुड़ा यह मामला काफी लंबे समय से चल रहा है. मैं भी इसमें एक याचिकाकर्ता हूं और यह मामला मेरे ही नाम से दायर किया गया था. आदित्य झा बनाम दिल्ली नगर निगम मामले में काफी लंबे इंतजार के बाद आखिरकार फैसला आ गया है. इसमें टीकाकरण, नसबंदी और लावारिस कुत्तों से जुड़े अन्य मुद्दे शामिल हैं. कोर्ट ने सख्त आदेश दिया है.
एडवोकेट पुनीता ने कहा कि यह फैसला पूरी तरह से अमानवीय है और इसे बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता. आप उन्हें सड़कों से हटाने की बात कर रहे हैं, लेकिन आप तो गायों को भी नहीं हटा पा रहे हैं. वे कूड़ा खा रही हैं, सर. हम गायों को अपनी मां कहते हैं, फिर भी हम उनके लिए कुछ भी नहीं कर पा रहे हैं.
पशु अधिकार कार्यकर्ता गौरी मुलेखी ने कहा कि मुझे लगता है कि पहले कोर्ट ने इधर-उधर से कुत्तों को हटाने के लिए कहा था, लेकिन कुछ हद तक, उन्हें नियंत्रण में रखते हुए. अब ये फैसले राज्यों पर छोड़ दिए गए हैं, ताकि वे अपनी समझ के अनुसार उचित कार्रवाई कर सकें. कोर्ट ने एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स के अनुपालन को बाध्यकारी किया है. हर जिले में एक एबीसी सेंटर होगा. ट्रेंड मैनपावर होगी और मॉनिटरिंग सिस्टम अच्छे होंगे. यह सबसे महत्वपूर्ण है.
पूर्व Union Minister विजय गोयल ने कहा कि मैं लावारिस कुत्तों के मुद्दे पर Supreme Court के आदेश का स्वागत करता हूं. हमारा संगठन, ‘लोक अभियान’, पिछले कई साल से लावारिस कुत्तों की वजह से लोगों को होने वाली दिक्कतों पर काम कर रहा है और हम लगातार इस मुद्दे को उठाते रहे हैं.
BJP MP अतुल गर्ग ने Supreme Court के फैसले का स्वागत किया और सुझाव दिया कि सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, मवेशियों और अन्य आवारा जानवरों की तरह ही, लावारिस कुत्तों को भी शेल्टर होम में भेज दिया जाना चाहिए.
ग्रेटर नोएडा के स्थानीय निवासियों ने स्ट्रीट डॉग्स को लेकर Supreme Court के फैसले का समर्थन किया और इसे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए जरूरी बताया, खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए, क्योंकि कुत्तों के हमले की घटनाएं बढ़ रही हैं.
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एसडी/
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