200 करोड़ ठगी मामला: मकोका केस में लीना पॉलोस की जमानत पर Supreme Court का फैसला टला, तीन माह बाद होगी सुनवाई

New Delhi, 6 अगस्त . 200 करोड़ रुपए की कथित ठगी और वसूली से जुड़े मकोका मामले में आरोपी सुकेश चंद्रशेखर की पत्नी लीना मारिया पॉलोस की जमानत याचिका पर Supreme Court ने सुनवाई की. अदालत ने फिलहाल उनकी जमानत याचिका पर अंतिम फैसला नहीं दिया है, लेकिन निचली अदालत को निर्देश दिया है कि वह मामले से जुड़े महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही तीन महीने के भीतर पूरी करे. Supreme Court ने कहा है कि गवाहों की गवाही पूरी होने के बाद ही जमानत याचिका पर आगे सुनवाई की जाएगी. इस मामले की अगली सुनवाई करीब तीन महीने बाद होगी.

लीना मारिया पॉलोस की ओर से लगातार जमानत की मांग की जा रही है, जबकि जांच एजेंसियां मामले की गंभीरता और आरोपों को देखते हुए इसका विरोध कर रही हैं.

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने Maharashtra संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) के तहत दर्ज मामले में लीना मारिया पॉलोस को जमानत देने से इनकार कर दिया था. हालांकि, हाईकोर्ट ने उनसे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें जमानत दे दी थी.

लीना मारिया पॉलोस को सितंबर 2021 में दिल्ली Police की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप है कि वह अपने पति सुकेश चंद्रशेखर के साथ कथित तौर पर 200 करोड़ रुपए की ठगी और वसूली के मामले में शामिल थीं. जांच एजेंसियों के अनुसार, यह मामला आर्थिक धोखाधड़ी के साथ-साथ संगठित अपराध के नेटवर्क का भी है, जिसके चलते मकोका की धाराएं लगाई गईं.

दअसल, पूरा मामला रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से संपर्क किया था. कथित तौर पर उसने यह दावा किया था कि वह उनके पति को कानूनी मामलों में राहत दिलाने में मदद कर सकता है. इसी एवज में उनसे करीब 200 करोड़ रुपए की रकम ली गई.

जांच एजेंसियों का आरोप है कि सुकेश ने जेल में रहते हुए भी एक बड़ा वसूली नेटवर्क चलाया, जिसमें उसकी मदद लीना मारिया पॉलोस ने भी है. Police और Enforcement Directorate (ईडी) ने इस मामले में कई स्तरों पर जांच की है.

ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी जांच की थी. एजेंसी का आरोप है कि ठगी से हासिल किए गए पैसों को छिपाने के लिए फर्जी कंपनियों और दूसरे माध्यमों का इस्तेमाल किया गया. जांच के दौरान सुकेश से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की गई थी और कई महंगी गाड़ियों व कीमती सामान की बरामदगी का दावा किया गया था.

लीना मारिया पॉलोस पर पहले भी कुछ आर्थिक मामलों में आरोप लग चुके हैं. जांच एजेंसियों का कहना है कि वह कई मामलों में सुकेश की मददगार रही हैं. हालांकि, लीना की ओर से इन आरोपों से इनकार किया जाता रहा है और उन्होंने अदालत में अपनी जमानत के लिए कई दलीलें दी हैं.

पीके/पीएम