
New Delhi, 17 जुलाई . जोधपुर में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम बापू की अंतरिम जमानत याचिका पर Friday को Supreme Court में सुनवाई हुई.
खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए आसाराम ने अदालत से कुछ समय के लिए अंतरिम जमानत देने की मांग की है. सुनवाई के दौरान Supreme Court ने Rajasthan Government को निर्देश दिया कि वह आसाराम की मेडिकल रिपोर्ट की जांच कर यह बताए कि क्या उनकी स्वास्थ्य स्थिति वास्तव में इतनी गंभीर है कि उन्हें इलाज के लिए कुछ समय की अंतरिम जमानत दी जानी चाहिए.
हालांकि, Rajasthan Government की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि फिलहाल आसाराम की स्वास्थ्य स्थिति ठीक है.
उन्होंने कहा कि करीब तीन महीने पहले आसाराम अयोध्या और काशी विश्वनाथ गए थे, जहां उन्होंने पैदल घूमकर दर्शन किए थे. इसके बावजूद Government संबंधित अधिकारियों से ताजा स्वास्थ्य रिपोर्ट और अन्य आवश्यक जानकारी लेकर अदालत के सामने पेश करेगी.
सुनवाई के दौरान Supreme Court ने स्पष्ट किया कि यदि मेडिकल रिपोर्ट से यह साबित होता है कि आसाराम की हालत वास्तव में गंभीर है, तो अदालत नहीं चाहती कि उनके साथ कोई अनहोनी हो. कोर्ट ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सिर्फ इलाज के उद्देश्य से सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत देने पर विचार किया जा सकता है.
अदालत ने इस मामले में Rajasthan Government को 21 जुलाई तक अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. Government की रिपोर्ट आने के बाद ही Supreme Court अंतरिम जमानत की मांग पर फैसला करेगा.
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में जोधपुर स्थित अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में आसाराम को 1 सितंबर 2013 को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद लंबी सुनवाई चली और अप्रैल 2018 में जोधपुर की विशेष अदालत ने उन्हें दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इसके बाद से ही वह जेल में बंद हैं.
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पीएम
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