Supreme Court ने राम मंदिर के फंड से जुड़े मामले में याचिका पर तत्काल सुनवाई से किया इनकार

New Delhi, 25 जून . Supreme Court ने Thursday को अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया. हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि Supreme Court की रजिस्ट्री इस मामले को सूचीबद्ध करेगी.

अयोध्या में श्री राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और गबन की जांच को लेकर वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने जनहित याचिका दाखिल की है. Thursday को जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच के सामने याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनकी तत्काल मांग सिर्फ इतनी है कि मामले को जल्द सूचीबद्ध किया जाए, ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके.

याचिका में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पैसों में गड़बड़ी के आरोपों की First Information Report दर्ज की जाए. सीबीआई की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाकर निष्पक्ष, समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि यह पता चल सके कि दान के पैसों में कोई गड़बड़ी, गबन या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं.

याचिकाकर्ताओं ने बैंक अकाउंट, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट और cctv फुटेज समेत सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी मांग की है. याचिका में कोर्ट के सामने मांग की गई कि किसी भी रिकॉर्ड या सबूत को नष्ट करने या उसमें छेड़छाड़ करने पर रोक लगाई जाए.

इस पर Supreme Court में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया. बेंच ने याचिकाकर्ताओं Monday को फिर से अवकाशकालीन पीठ के सामने याचिका मेंशन करने को कहा है. बेंच ने कहा, “रजिस्ट्री इसे सूचीबद्ध करेगी. आपको तारीख मिल जाएगी.”

इसी बीच, Lucknow के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय एसआईटी ने हाल ही में राज्य Government को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी है. हालांकि, मंदिर के फंड में कथित हेराफेरी की विस्तृत जांच अभी भी जारी है.

डीसीएच/