रिनिकी सरमा मामले में Supreme Court ने पवन खेड़ा को नहीं दी राहत, ट्रांजिट बेल बढ़ाने की मांग खारिज

New Delhi, 17 अप्रैल . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी सरमा द्वारा दर्ज कराए गए मामले में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को Supreme Court से राहत नहीं मिली. खेड़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए Supreme Court ने Tuesday तक उनकी ट्रांजिट बेल बढ़ाने से इनकार कर दिया.

Supreme Court ने कहा कि पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत के लिए असम के गुवाहाटी हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करनी चाहिए. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गुवाहाटी हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई करते समय Supreme Court की किसी भी टिप्पणी से प्रभावित न हो.

मामला असम Police में दर्ज First Information Report से जुड़ा है, जिसमें पवन खेड़ा पर Chief Minister की पत्नी पर कई पासपोर्ट रखने और विदेशी संपत्ति छिपाने का आरोप लगाने का मामला है. इस First Information Report में धोखाधड़ी, बदनामी और आपराधिक साजिश के आरोप लगे हैं.

सुनवाई के दौरान Supreme Court ने पवन खेड़ा की तरफ से दाखिल किए गए दस्तावेजों पर सख्त फटकार लगाई. कोर्ट ने कहा कि तेलंगाना हाईकोर्ट में आधार कार्ड का गलत दस्तावेज पेश करके कोर्ट को गुमराह किया गया. खेड़ा के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि तेलंगाना में याचिका जल्दबाजी में दाखिल की गई थी. उन्होंने कहा कि खेड़ा की पत्नी तेलंगाना में विधायक उम्मीदवार रह चुकी हैं और उनका परिवार हैदराबाद में रहता है, इसलिए वहां याचिका दाखिल की गई.

सिंघवी ने कहा कि जब सीबीआई ने दस्तावेजों पर सवाल उठाया तो तुरंत सही दस्तावेज दाखिल कर दिए गए थे. उन्होंने मांग की कि खेड़ा को Tuesday तक ट्रांजिट बेल दी जाए, ताकि वह असम जाकर वहां की अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल कर सकें.

Supreme Court ने इन दलीलों को नहीं माना. कोर्ट ने कहा कि गलत और बनावटी दस्तावेज पेश करके क्षेत्राधिकार बनाने की कोशिश की गई. जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदूरकर की बेंच ने टिप्पणी की कि यह छोटी गलती नहीं है. कोर्ट ने कहा कि खेड़ा को असम की अदालत में ही जाना चाहिए, क्योंकि First Information Report असम में दर्ज हुई है.

असम Government की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि तेलंगाना हाईकोर्ट में गलत दस्तावेज देकर क्षेत्राधिकार का दावा किया गया, जो फोरम शॉपिंग है.

Supreme Court ने तेलंगाना हाईकोर्ट के एक सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत वाले आदेश पर रोक लगा दी है. साथ ही पवन खेड़ा को नोटिस जारी कर तीन हफ्ते में जवाब मांगा है. कोर्ट ने यह भी साफ किया कि अगर खेड़ा असम की सक्षम अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल करते हैं तो आज का यह आदेश उस पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं डालेगा.