
New Delhi, 29 जुलाई . कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व Prime Minister मनमोहन सिंह को Supreme Court ने दोषमुक्त कर दिया है. Supreme Court ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में वर्ष 2015 में ट्रायल कोर्ट की ओर से Prime Minister डॉ. मनमोहन सिंह को जारी किए गए समन को रद्द कर दिया है.
Supreme Court ने इस फैसले के साथ यूपीए Government के दौर के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक में औपचारिक रूप से दिवंगत पूर्व Prime Minister मनमोहन सिंह को दोषमुक्त कर दिया है. Supreme Court ने माना कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने या उनके खिलाफ संज्ञान लेने के कोई ठोस कारण नहीं थे.
Supreme Court ने स्पेशल सीबीआई कोर्ट के 2015 के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें India के पूर्व Prime Minister डॉ. मनमोहन सिंह और पांच अन्य को तालाबिरा-2 कोल ब्लॉक आवंटन मामले में आरोपी के तौर पर समन भेजा गया था. Supreme Court ने अपील स्वीकार करते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली और कहा कि स्पेशल जज के पास क्लोजर को खारिज करने और अपराधों का संज्ञान लेने का कोई सही कारण नहीं था.
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि सीबीआई ने अपनी जांच पूरी करने के बाद दो अलग-अलग क्लोजर रिपोर्ट फाइल की थीं, जिन्हें स्पेशल जज ने खारिज कर दिया था. इसलिए, Supreme Court ने 11 मार्च, 2015 के आदेश को रद्द कर दिया है और सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली है और मामले को मेरिट के आधार पर बंद कर दिया है.
11 मार्च 2015 को, स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज कर दिया था और दिवंगत पूर्व Prime Minister डॉ. मनमोहन सिंह और पांच अन्य लोगों को आईपीसी के सेक्शन 120-बी के तहत आपराधिक साजिश और सेक्शन 409 के तहत क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट समेत अपराधों के लिए ट्रायल का सामना करने के लिए बुलाया था. यह मामला 2005 में तालाबीरा-2 कोल ब्लॉक के एलोकेशन के संबंध में था. Supreme Court ने 1 अप्रैल 2015 को इस कार्रवाई पर रोक लगा दी थी.
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एसडी/पीएम
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