सुंदरबन नाव हादसा : 9 मछुआरों के शव मिले, 6 अब भी लापता, उपराष्ट्रपति ने जताया दुख

कोलकाता, 13 जुलाई . पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के पास बंगाल की खाड़ी में हुए नाव हादसे में नौ मछुआरों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि छह अन्य अब भी लापता हैं. हादसे को लेकर India के उपPresident ने दुख जताते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की.

उपPresident सीपी. राधाकृष्णन ने हादसे पर दुख जताया. उपPresident के आधिकारिक social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ से पोस्ट जारी करके लिखा गया, “पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में नाव पलटने की घटना में हुई जान-माल की दुखद हानि से मुझे गहरा दुख हुआ है. पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं.”

अधिकारियों के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में लापता हुई मछली पकड़ने वाली नाव ‘एफबी मां काली’ का Sunday को पता लगाया गया. Police, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल की संयुक्त टीम ने चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में डूबी हुई नाव को खोज निकाला. नाव को बाहर निकालकर तलाशी लेने पर उसमें से नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए.

जानकारी के मुताबिक, यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों को लेकर समुद्र में गई थी. खराब मौसम के कारण 5 जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया था. इसके बाद सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में Police, तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों ने संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था.

अधिकारियों ने बताया कि अभी छह मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिला है. बरामद किए गए शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप सब-डिविजनल अस्पताल भेजा गया है. लापता मछुआरों की तलाश के लिए Monday को दोबारा व्यापक अभियान शुरू किया गया.

सुंदरबन मामलों के राज्य मंत्री दीपांकर जना ने नाव को किनारे लाए जाने के बाद घटनास्थल का दौरा किया और राहत एवं तलाशी अभियान की समीक्षा की.

एससीएच/एबीएम