पंजाब: बेअदबी मामले में आज एसआईटी के सामने पेश होंगे सुखबीर सिंह बादल

चंडीगढ़, 20 जुलाई . शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपChief Minister सुखबीर सिंह बादल की मुश्किलें बढ़ी हैं. बेअदबी मामले में Monday को सुखबीर बादल को विशेष जांच टीम (एसआईटी) के सामने पेश होना है, जहां उनसे पूछताछ होगी.

सुखबीर बादल को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ स्थित पंजाब Police ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट में बुलाया गया है. एसआईटी ने 16 जुलाई को नोटिस जारी करके उन्हें चंडीगढ़ में पूछताछ के लिए पेश होने के निर्देश दिए थे.

पूर्व Union Minister और वरिष्ठ भाजपा नेता विजय सांपला के बयान के बाद एसआईटी ने सुखबीर सिंह बादल को पूछताछ के लिए बुलाया है. जांच टीम के सामने सांपला ने कथित तौर पर उस मेमोरेंडम पर अपने हस्ताक्षर की प्रमाणिकता पर सवाल उठाए, जिसे सुखबीर बादल के साथ मिलकर पंजाब के Governor को बेअदबी की घटनाओं के संबंध में सौंपा गया था.

एसआईटी के नोटिस के बाद उन्होंने Thursday को मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह एसआईटी के साथ सहयोग करेंगे. साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले का इस्तेमाल न्याय के बजाय Political मकसद के लिए किया जा रहा है.

सुखबीर सिंह बादल ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “पिछले 10 सालों से बेअदबी के मुद्दे पर राजनीति चल रही है. अब चुनाव नजदीक आते देख ‘झाड़ू’ वाली Government ने फिर से यह ड्रामा शुरू कर दिया है. मैंने पहले भी हर जांच में हिस्सा लिया है और अब भी वे मुझे जहां बुलाएंगे, मैं वहां जाऊंगा. मेरा एक वादा है, जब 2027 में शिरोमणि अकाली दल की Government सत्ता में आएगी, तो हम दोषियों को ऐसी सजा देंगे जो मिसाल बनेगी.”

यह मामला 11 साल पुराने बहिबलकलां गोलीकांड से जुड़ा है. इस घटना में पंजाब के फरीदकोट जिले में विरोध प्रदर्शन के दौरान दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे. एसआईटी अक्टूबर 2015 में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ Police कार्रवाई से पहले हुई घटनाओं के क्रम की भी जांच कर रहे हैं.

इस मामले में जवाबदेही तय करने के लिए जांच के दौरान कई पूर्व अधिकारियों और Political नेताओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं.

दावा है कि पूर्व अकाली विधायक मनतार बरार की प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से पहले Chief Minister , गृहमंत्री और डीजी से बातचीत हुई थी. Chief Minister प्रकाश सिंह बादल के ओएसडी ने भी इस बात की पुष्टि की कि प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने का आदेश रात में दिया गया था.

डीसीएच/