विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग भारत के लिए गर्व का क्षण, प्राइवेट सेक्टर के लिए स्पेस क्षेत्र खोलने का मिला बड़ा परिणाम: डॉ. जितेंद्र सिंह

New Delhi, 18 जुलाई . केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने Saturday को कहा कि स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग India के लिए गर्व का क्षण है और यह देश के स्पेस सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोलने के फैसले के सकारात्मक और दूरगामी प्रभाव को दर्शाता है.

विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग के बाद से खास बातचीत में डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह हर भारतीय के लिए गर्व का पल है, क्योंकि पहली बार किसी निजी कंपनी ने अपनी योजना के अनुसार अपना रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च किया है.

उन्होंने कहा, “निश्चित रूप से यह हम सभी और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है. पहली बार किसी निजी कंपनी ने अपनी योजना के अनुसार अपना रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च किया है.”

डॉ. जितेंद्र सिंह ने से कहा, “यह इसलिए संभव हो पाया क्योंकि पांच-छह साल पहले Prime Minister Narendra Modi ने साहसिक फैसला लेते हुए देश के स्पेस सेक्टर को निजी कंपनियों के लिए खोल दिया था.”

मिशन से जुड़े सभी पक्षों को बधाई देते हुए मंत्री ने कहा कि स्काईरूट एयरोस्पेस ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से ऑर्बिटल लॉन्च करने वाली India की पहली निजी कंपनी बनकर इतिहास रच दिया है.

उन्होंने कहा, “India की पहली निजी कंपनी के रूप में श्रीहरिकोटा से यह लॉन्च सफलतापूर्वक करने के लिए स्काईरूट को बधाई. इस शानदार पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को संभव बनाने के लिए आईएन-स्पेस को बधाई. इस सहयोग को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने के लिए इसरो को बधाई. सबसे बढ़कर, इसे संभव बनाने के लिए Prime Minister Narendra Modi का हार्दिक आभार और उन्हें बहुत-बहुत बधाई.”

मंत्री ने कहा कि केवल 5 वर्षों के भीतर मिली यह तेज प्रगति India के स्पेस रिफॉर्म्स की सफलता को दर्शाती है.

उन्होंने कहा कि जिन देशों ने India से कई दशक पहले अपना स्पेस प्रोग्राम शुरू किया था, उनकी तुलना में पहली ही कोशिश में सफल लॉन्च का India का रिकॉर्ड कहीं बेहतर रहा है.

उन्होंने कहा, “पिछले केवल 5 वर्षों में जो उपलब्धियां हासिल हुई हैं, वे किसी चमत्कार से कम नहीं हैं. स्पेस सेक्टर के लिहाज से 5 साल बहुत लंबा समय नहीं होता. अगर उन देशों से तुलना करें, जिन्होंने हमसे बहुत पहले शुरुआत की थी, तो पहली कोशिश में सफलता का India का रिकॉर्ड उनसे कहीं बेहतर है. आज की यह उपलब्धि उसी शानदार रिकॉर्ड में एक और नया अध्याय जोड़ती है.”

डीबीपी