बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं स्टंटबाज मोटरसाइकिल सवार


पांढुरना .विगत डेढ़ वर्षो से बंद पड़ी स्कूल 1 महीने से कक्षा नौवीं से बारहवीं तक की कक्षाएं शासन के निर्देश पर शुरू की गई, परंतु कक्षा प्रथम से आठवीं तक अभी भी स्कूल बंद पड़े कक्षा 9वी से 12वीं तक स्कूलों में नियमित कक्षाएं ली जा रही है. जिसके लिए नगर के एक छोर से दूसरी छोर पर स्थित अपनी स्कूल जाने के लिए बच्चों को साइकिल की सवारी करनी पड़ती है.

साइकिल पर अपना संतुलन बनाने के साथ किताबों एवं टिफिन का वह भी कंधे पर लादे स्कूली छात्र (student) छात्राएं अपने स्कूल पहुंचते हैं, परंतु विगत कुछ दिनों से तेज फर्राटा भरने वाले स्टंट बाज मोटरसाइकिल सवारों से साइकिल सवाल स्कूली छात्र (student) छात्राओं को स्कूल पहुंचने एवं घर आने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है किसी तरह संतुलन बनाकर साइकिल चलाने वाले इन छात्र (student) छात्राओ को तेजी से गुजरने वाली दुपहिया वाहनों के कारण अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं किसी भी चौक चौराहे पर पुलिस (Police) की मौजूदगी नहीं होने से यह फर्राटा भरने वाले मोटरसाइकिल सवार छात्र (student) छात्राओं के लिए किसी बड़ी दुर्घटना का कारण हो सकते हैं.

विगत कई वर्षों से ट्रैफिक पुलिस (Police) का पद थाना पांढुर्ना में है ही नहीं पुलिस (Police) के जवान ही कुछ देर के लिए चौक पर खड़े होकर पुलिस (Police) की मौजूदगी का एहसास कराते हैं लेकिन मौजूदगी का एहसास भी इतने कम समय के लिए होता है की स्टंट बाद मोटरसाइकिल सवारों में पुलिस (Police) प्रशासन की कोई दहशत नहीं है. इतनी तेजी से अपने महंगे दुपहिया वाहनों को सड़क पर दौडाते हैं कि कई बार पैदल राहगीर भी इनके तेज गति का शिकार हो चुके हैं. पांढुर्ना पुलिस (Police) को छात्र (student) छात्राओं के स्कूल जाते समय एवं स्कूल की छुट्टी होते समय पुलिस (Police) की मुख्य रास्तों पर निगरानी आवश्यक है ताकि देश का भविष्य स्कूली छात्र (student) छात्राएं बिना किसी कठिनाई के अपनी राह गिरी कर सके.

Check Also

रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

नई दिल्ली (New Delhi) . दिल्ली पुलिस (Police) ने रेलवे (Railway)में नौकरी दिलाने के नाम …