शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल का कुवैत में ‘स्टडी इन गुजरात’ रोड शो

कुवैत के शिक्षा मंत्री से गुजरात के शिक्षा मंत्री की मुलाकात

अहमदाबाद . गुजरात सरकार के शिक्षा विभाग द्वारा शुरू की गई ‘स्टडी इन गुजरात’ पहल का मकसद गुजरात को भारत के एजुकेशन हब के रूप में स्थापित करना है. इस रोड शो के ज़रिए विदेशों के साथ-साथ देश के दूसरे राज्यों से छात्रों को गुजरात आकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए आमंत्रित करना है.

कुवैत स्थित भारतीय दूतावास के सहयोग से शिक्षा मंत्री भूपेंद्रसिंह चुडासमा और प्रमुख सचिव श्रीमती अंजू शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने इस रोड शो का आयोजन किया. इसमें शिक्षा विभाग के अधिकारी और गणपत विश्वविद्यालय के साथ साथ राज्य के 19 विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि शामिल थे. कुवैत में विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि रोड शो के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक, प्रिंसिपल, अभिभावक, और छात्र मौजूद थे. कुवैत में भारत के राजदूत श्री के जीवा सागर भी उपस्थित थे. अपने संबोधन के दौरान शिक्षा मंत्री ने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा ‘शिक्षा के माध्यम से सहयोग’ पर बहुत ज़ोर दिया है. उनकी प्रेरणा और हमारे मुख्यमंत्री श्री विजय रूपाणी के मार्गदर्शन से हमने देश और दुनिया के समक्ष शिक्षा के क्षेत्र में गुजरात की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की है.” अपने संबोधन में मंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र को अत्यधिक महत्व देने के लिए कुवैत के अथक प्रयासों की सराहना की.

उन्होंने कहा, “मैंने जाना है कि कुवैत शिक्षा की अहमियत को समझता है जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मज़बूत होंगे. गुजरात के पास अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ कई विश्व स्तरीय संस्थान हैं जिनके माध्यम से गुजरात और कुवैत दुनिया को शिक्षा आधारित अर्थव्यवस्था का सही मतलब दिखा सकते हैं”. गुजरात के बारे में बात करते हुए चुडासमा ने कहा, “2018-19 में हुए ऑल इंडिया सर्व के मुताबिक गुजरात भारत के उन शीर्ष राज्यों में शामिल है जहां प्रति 1 लाख आबादी पर 28 या इससे ज्यादा कॉलेज हैं. यह भारत के सबसे ज्यादा कॉलेजों वाले शीर्ष 7 राज्यों में से भी एक है. गुजरात अपने सुरक्षित वातावरण की वजह से आगे बढ़ रहा है जिसकी एक बड़ी वजह इसकी मज़बूत कानून व्यवस्था है”.

प्रमुख सचिव अंजू शर्मा ने कहा “भारत में उभरते स्टार्ट-अप का 46% हिस्सा गुजरात का है. लघु, मध्यम और बड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए गुजरात सरकार ने कई नीतियां बनाई हैं. इन बेहतर नीतियों का असर ये हुआ है कि गुजरात के विश्वविद्यालयों से स्नातक करने वाले छात्र “स्टार्ट-अप” का रास्ता तय कर रहे हैं. युवाओं की प्रतिभा के अलावा हम उन्हें एक ऐसा सुरक्षित और समृद्ध वातावरण प्रदान करते हैं जिसके तहत उन्हें आगे बढ़ने और कुछ नया सीखने का मौका मिलता है. अभी तक स्टूडेंट स्टार्टअप और इनोवेशन पॉलिसी के तहत 493 पेटेंट फाइल हो चुके हैं. वर्तमान में गुजरात के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 10,000 से अधिक विदेशी छात्र पढ़ रहे हैं.” इसके अलावा अंजू शर्मा ने प्रत्येक क्षेत्र में गुजरात के विकास मॉडल के विषय पर विस्तार से प्रकाश डाला. ‘हमारा विकास, नीतगत, पारदर्शी और लक्ष्य उन्मुख है. इसका उद्देश्य छात्रों को जॉब क्रिएटर बनाना है’.

इस कार्यक्रम के आयोजन के दौरान 6 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. गुजरात के स्वर्णिम स्टार्ट-अप विश्वविद्यालय और कुवैत के बॉक्स हिल कॉलेज के बीच डिज़ाइन और इनोवेशन के क्षेत्र में पहला समझौता हुआ. दूसरा समझौता गुजरात टेक्निकल यूनिवर्सिटी और बॉक्स हिल कॉलेज के बीच डिज़ाइन और आर्किटेक्चर के क्षेत्र में हुआ. तीसरा समझौता CEPT और बॉक्स हिल कॉलेज, चौथा GNLU और बॉक्स हिल कॉलेज, पांचवां संकलचंद पटेल यूनिवर्सिटी और बॉक्स हिल कॉलेज, छठा PDPU और बॉक्स हिल कॉलेज के बीच हुआ. रोड शो के बाद 19 साथी विश्वविद्यालयों द्वारा एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया था जिसे 500 से अधिक छात्रों ने देखा.

दूसरे दिन, माननीय मंत्री चुडासमा ने कुवैत के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ सऊद अल-हरबी से भी मुलाक़ात की. दोनों नेताओं ने शिक्षा के क्षेत्र में कुवैत और गुजरात के बीच सहयोग के बंधन को मजबूत करने पर सहमति जताई. डॉ सऊद अल-हरबी ने पेट्रोलियम इंजीनियरिंग और अनुसंधान के क्षेत्रों में पंडित दीनदयाल पेट्रोलियम विश्वविद्यालय के साथ सहयोग की इच्छा व्यक्त की. शिक्षा मंत्री ने कुवैत में भारतीय प्रवासी और गुजराती समाज के साथ भी बैठकें कीं. भारत कुवैत व्यापार परिषद के अध्यक्ष श्री आनंद कपाड़िया ने गुजरात सरकार के प्रयासों की सराहना की और गुजरात अभियान के स्टडी इन गुजरात अभियान में बेहद रुचि दिखाई. भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने कुवैत विश्वविद्यालय का भी दौरा किया और उनके राष्ट्रपति से भी मुलाकात की.

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