झारखंड: लोक भवन के बाहर छात्रों का प्रदर्शन, जेपीएससी परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच की मांग

रांची, 30 जुलाई . Jharkhand में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है. सैकड़ों छात्र Thursday को लोक भवन के बाहर एकत्र होकर Jharkhand लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और जेएसएससी से जुड़ी परीक्षाओं को रद्द करने, सीबीआई जांच और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने राज्य Government के खिलाफ नारेबाजी करते हुए भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई.

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि वर्षों से वे मेहनत कर रहे हैं, लेकिन कथित धांधलियों के कारण उनका भविष्य लगातार अंधकार में जा रहा है. भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही अनियमितताओं ने युवाओं का सरकारी व्यवस्था से भरोसा खत्म कर दिया है.

प्रदर्शन में शामिल एक छात्र ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि Jharkhand के हजारों युवा वर्षों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं. छात्र बेहद कठिन परिस्थितियों में रहकर पढ़ाई करते हैं. छात्र परिवार, माता-पिता और सामाजिक जीवन से दूर रहकर केवल नौकरी की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं. यदि समय पर परीक्षाएं नहीं हुईं और लगातार विवाद सामने आते रहे तो युवाओं की पूरी उत्पादक उम्र इसी संघर्ष में निकल जाएगी. छात्र ने Chief Minister से भावुक अपील करते हुए कहा कि Government युवाओं की पीड़ा को समझे और भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाए.

प्रदर्शनकारी छात्रों ने स्पष्ट कहा कि उन्हें राज्य की सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है. उनका कहना था कि वर्ष 2002 से लेकर अब तक जेपीएससी से जुड़े कई विवाद सामने आए, लेकिन व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ. छात्रों ने मांग की कि एक सप्ताह के भीतर Government सीआईडी जांच की पूरी स्थिति सार्वजनिक करे, अब तक हुई गिरफ्तारियों और कार्रवाई का ब्योरा सामने लाएं तथा पूरे मामले में जवाबदेही तय करें. उन्होंने यह भी मांग की कि 45 दिनों के भीतर भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार कर नया परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके.

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग 14वीं जेपीएससी पीटी को रद्द करने की है. इसके अलावा जेपीएससी बैकलॉग परीक्षा, जेपीएससी की कथित विवादित नियुक्तियों और 11वीं, 12वीं तथा 13वीं जेपीएससी से जुड़ी प्रक्रियाओं की भी निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए. जांच फिलहाल सीआईडी कर रही है, लेकिन छात्र चाहते हैं कि यह जांच सीबीआई को सौंपी जाए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके. राज्य Government की एजेंसियों पर विश्वास नहीं रह गया है और किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना ही उचित होगा.

प्रदर्शन में शामिल छात्रा राधिका ने कहा कि Government नियमित और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने में विफल रही है. पेपर लीक और अनियमितताओं के कारण युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है. Government हर वर्ष नियमित वैकेंसी निकाले, समय पर परीक्षाएं आयोजित करे और योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष तरीके से नौकरी मिले. कई महत्वपूर्ण भर्तियां वर्षों से लंबित हैं, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है.

प्रदर्शन में मौजूद अमन साहू ने राज्य Government पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि Jharkhand के युवाओं का Government से विश्वास पूरी तरह समाप्त हो चुका है. शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में Government विफल रही है और भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं. भर्ती प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर पैसों के लेन-देन की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे योग्य युवाओं के साथ अन्याय हुआ है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि Government ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा.

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि वर्तमान सीआईडी जांच केवल औपचारिकता बनकर रह गई है. पहले भी मामले में जांच हुई, कई गिरफ्तारियां हुईं, लेकिन बाद में कथित रूप से कई आरोपी नौकरी तक पहुंच गए. यदि पहले की जांचों के बावजूद व्यवस्था नहीं सुधरी तो वर्तमान जांच पर भी भरोसा करना मुश्किल है. पूरे मामले की जांच सीबीआई और कथित वित्तीय लेन-देन की जांच ईडी से कराई जानी चाहिए.

प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारी नेताओं ने घोषणा की कि यदि Government ने उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को व्यापक बनाया जाएगा. 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है. सड़क से लेकर सदन तक परीक्षा विवाद और कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया जाएगा. जिस तरह राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा विवादों के बाद जवाबदेही तय करने की मांग उठी, उसी तरह Jharkhand में भी Chief Minister को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए. जेपीएससी और जेएसएससी सीधे कार्मिक विभाग से जुड़े हैं, जिसकी जिम्मेदारी Chief Minister के पास है. इसलिए भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जवाबदेही भी Government को लेनी चाहिए.

/एबीएम