
चेन्नई, 9 मई . तमिलनाडु में नई Government के गठन को लेकर जारी सियासी घमासान अब और गहरा गया है. राज्य में President शासन लगाए जाने की अटकलें तेज हो गई हैं, क्योंकि Government गठन को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है. आरोप-प्रत्यारोप, विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त, फर्जी समर्थन पत्र और ‘लापता’ विधायकों के दावों ने राज्य की राजनीति को बेहद पेचीदा बना दिया है.
तमिलनाडु की मौजूदा Government का कार्यकाल 10 मई को समाप्त हो रहा है, लेकिन अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि अगली Government कौन बनाएगा. इस बीच Governor राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने साफ कर दिया है कि 234 सदस्यीय विधानसभा में कम से कम 118 विधायकों का समर्थन साबित किए बिना किसी भी पार्टी को Government बनाने का न्योता नहीं दिया जाएगा.
23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव में Actor से राजनेता बने विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी. हालांकि, बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े से वह अभी भी पीछे है.
वहीं, डीएमके गठबंधन को 73 सीटें मिलीं, जबकि एआईएडीएमके गठबंधन ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की. बहुमत जुटाने के लिए टीवीके ने कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथिगल काची ( के), सीपीआई और सीपीआई (एम) से बातचीत शुरू की. कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद टीवीके का आंकड़ा 113 तक पहुंच गया. बाद में सीपीआई और सीपीआई (एम) ने भी बिना शर्त बाहरी समर्थन देने का ऐलान किया, जिससे संख्या बढ़कर 117 हो गई.
लेकिन मामला यहां भी उलझ गया. विजय ने दो सीटों से चुनाव जीता है और उन्हें एक सीट छोड़नी पड़ सकती है. ऐसे में प्रभावी संख्या फिर कम हो सकती है और टीवीके बहुमत से पीछे रह सकती है. के के समर्थन की उम्मीद जरूर जताई जा रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ों को लेकर अब भी संशय बना हुआ है.
Friday देर रात यह Political संकट और गहरा गया, जब एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरन अचानक राजभवन पहुंचे और Governor से मुलाकात की. उन्होंने टीवीके नेताओं पर बड़े स्तर पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया. विवाद एएमएमके-समर्थित विधायक एस. कामराज को लेकर खड़ा हुआ, जिन्हें कथित तौर पर टीवीके समर्थक बताया गया था.
दिनाकरन ने आरोप लगाया कि Governor को व्हाट्सऐप के जरिए फर्जी समर्थन पत्र भेजे गए और कामराज ‘लापता’ हैं. हालांकि, कुछ ही देर बाद कामराज खुद दिनाकरन के साथ मीडिया के सामने आए और कहा कि उन्होंने आधिकारिक रूप से टीवीके को समर्थन नहीं दिया है. उन्होंने अपने हस्ताक्षर के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया.
इसके बाद दिनाकरन ने कथित फर्जीवाड़े के खिलाफ Police में शिकायत दर्ज कराई. दूसरी ओर, टीवीके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए एक वीडियो जारी किया, जिसमें कामराज कथित तौर पर स्वेच्छा से समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करते दिखाई दे रहे हैं. टीवीके ने दिनाकरन पर विजय की Government बनने से रोकने के लिए गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया है.
Political जानकारों का मानना है कि यदि यह गतिरोध जारी रहता है और हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप बढ़ते हैं, तो Governor केंद्र Government को संवैधानिक संकट की रिपोर्ट भेज सकते हैं. ऐसी स्थिति में तमिलनाडु में President शासन लागू करने का रास्ता खुल सकता है. मौजूदा Government का कार्यकाल खत्म होने में अब 48 घंटे से भी कम समय बचा है और चेन्नई में Government गठन को लेकर लगातार तेज Political बातचीत जारी है.
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एएस
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