
कोलकाता, 20 जुलाई . पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई को मनाया जाने वाला शहीद दिवस से पहले Political बयानबाजी तेज हो गई है. मंत्री डॉ. इंद्रनील खान ने 1993 की घटना की फाइलें दोबारा खोलने, शहीद दिवस के आयोजन, कांग्रेस-तृणमूल कांग्रेस की राजनीति और पार्टी नेताओं के बयानों पर तल्ख टिप्पणी की. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 15 वर्षों में तत्कालीन राज्य Government ने 1993 की घटना की निष्पक्ष जांच कराने के लिए कोई गंभीर कदम नहीं उठाया.
डॉ. इंद्रनील खान ने से बातचीत में कहा कि ममता बनर्जी लगातार 15 वर्षों तक पश्चिम बंगाल की Chief Minister रहीं और गृह विभाग भी उनके पास था. यदि उनकी मंशा होती तो 1993 की घटना की जांच कभी भी कराई जा सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. ममता बनर्जी ने नंदीग्राम और सिंगूर जैसे मुद्दों पर भी बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया. यदि ममता बनर्जी वास्तव में गंभीर होतीं तो शहीद दिवस के अवसर पर जांच के आदेश देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कर सकती थीं. शुभेंदु अधिकारी पहले ही कह चुके हैं कि यदि किसी भी मामले में संदेह है तो उसकी जांच कराई जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर पुरानी फाइलें भी दोबारा खोली जाएंगी.
21 जुलाई के शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर मंत्री ने कहा कि यह मूल रूप से कांग्रेस का कार्यक्रम था, जिसे बाद में तृणमूल कांग्रेस ने अपने Political आयोजन में बदल दिया. शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बजाय इस दिन का उपयोग Political भाषणों और Prime Minister Narendra Modi की आलोचना के लिए किया जाता रहा. कार्यक्रमों में मनोरंजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर अधिक जोर दिया गया, जबकि शहीदों के सम्मान पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई गई.
कोलकाता में विभिन्न Political दलों द्वारा अलग-अलग शहीद दिवस मनाने के सवाल पर डॉ. इंद्रनील खान ने कांग्रेस पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज उन दलों के साथ Political सहयोग कर रही है जिन पर कभी शहीदों पर गोली चलाने के आरोप लगाए जाते थे. यदि वास्तव में शहीदों का सम्मान करना होता तो कांग्रेस ऐसे Political गठबंधन नहीं करती. वहीं, तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के पास कोई स्पष्ट विचारधारा या दीर्घकालिक Political दृष्टि नहीं है और उसने शहीद दिवस को केवल Political कार्यक्रम तक सीमित कर दिया.
शहीद परिवारों की ओर से यह कहे जाने पर कि उनके नाम पर राजनीति हो रही है, मंत्री ने कहा कि वर्षों से शहीदों के नाम पर Political लाभ लेने का प्रयास किया गया है. कांग्रेस ने भी शहीदों के मुद्दे का Political इस्तेमाल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने भी इस कार्यक्रम को अपने Political हितों के अनुसार इस्तेमाल किया. यदि Government गंभीर होती तो इतने वर्षों में घटना की जांच पूरी कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती थी.
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं मदन मित्र और अभिषेक बनर्जी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए इंद्रनील खान ने कहा कि पार्टी के नेता एक-दूसरे के बारे में क्या आरोप लगा रहे हैं, इसका जवाब उन्हें स्वयं देना चाहिए. यदि पार्टी के भीतर नेता एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं तो उन्हें सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना चाहिए कि आरोपों में कितनी सच्चाई है. कोयला घोटाला, कथित पशु तस्करी, भर्ती घोटाले और अन्य मामलों की जांच पहले से चल रही है. उनके अनुसार जिन मामलों में जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं, उनमें कानून अपना काम करेगा और सभी संबंधित लोगों को अपना पक्ष रखना होगा.
–
Skip to content