महाराष्ट्र की सियासत में एनसीपी को लेकर हलचल, विपक्ष ने दल तोड़ने की कोशिश का लगाया आरोप

Mumbai , 15 जुलाई . Maharashtra की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को लेकर जारी चर्चाओं के बीच कांग्रेस और शिवसेना नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं. कांग्रेस नेता नाना पटोले ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों के सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश की जा रही हैं, जबकि शिवसेना नेताओं ने इसे Political शिष्टाचार और पार्टी का आंतरिक मामला बताया.

कांग्रेस सांसद पी. चिदंबरम के एक पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए Maharashtra कांग्रेस के नेता नाना पटोले ने कहा, “चाहे शरद पवार की पार्टी हो, डीएमके हो या शिवसेना (यूबीटी), उन्हें कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं.” उन्होंने आरोप लगाया कि इन कोशिश के पीछे की मंशा स्पष्ट नहीं है.

नाना पटोले ने Lok Sabha चुनाव के दौरान दिए गए ‘400 पार’ के नारे का जिक्र करते हुए कहा, “इसके पीछे संविधान में बदलाव की मंशा बताई गई थी. एक BJP MP के बयान में भी इस तरह की बात सामने आई थी. संवैधानिक ढांचे को बदलने के उद्देश्य से Political दलों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है. यही वर्तमान Political परिस्थितियों की सच्चाई है.”

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) को लेकर चल रही अटकलों पर कहा, “शरद पवार को समझना आसान नहीं है. यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है और इस पर अंतिम स्थिति वही स्पष्ट कर सकते हैं. मैंने एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले से भी इस विषय पर बातचीत की थी और उन्होंने ऐसी किसी भी संभावना से इनकार किया है.”

इसी बीच शिवसेना सांसद संजय देशमुख ने कहा, “इसमें कोई Political संदेश नहीं देखा जाना चाहिए. शरद पवार देश के वरिष्ठ और सम्मानित नेता हैं, इसलिए किसी भी Political दल के नेता द्वारा उनका स्वागत करना Maharashtra की परंपरा और भारतीय संस्कृति का हिस्सा है. वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करना Political गतिविधि नहीं, बल्कि शिष्टाचार है. इस तरह के व्यवहार को Political रंग देना उचित नहीं है.”

शिवसेना प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने भी एनसीपी को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, “शरद पवार की पार्टी के कुछ विधायकों ने Maharashtra के Chief Minister से मुलाकात की है, लेकिन अभी तक एनडीए में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है. इस संबंध में या तो संबंधित विधायक जानकारी देंगे या फिर शरद पवार स्वयं स्थिति स्पष्ट करेंगे. हेगड़े ने इसे एनसीपी का आंतरिक मामला बताते हुए इस पर ज्यादा टिप्पणी करने से इनकार किया.”

एससीएच/एबीएम