
चेन्नई, 15 अगस्त . तमिलनाडु के पूर्व Chief Minister और डीएमके नेता एमके स्टालिन ने Saturday को India के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर जनता को शुभकामनाएं दीं और नागरिकों से समानता, बंधुत्व, प्रगति और मानवता पर आधारित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया.
तमिलनाडु के पूर्व Chief Minister और डीएमके नेता एमके स्टालिन ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा, “India को अपनी बहुलवादी प्रकृति और राष्ट्रीय एकता को बनाए रखते हुए प्रतिगामी प्रवृत्तियों और अप्रचलित प्रथाओं को अस्वीकार करना चाहिए.”
स्टालिन ने अपने स्वतंत्रता दिवस संदेश में कहा, “आइए हमारा India प्रतिगामी प्रवृत्तियों और पुरातन प्रथाओं को जड़ से उखाड़ फेंके और गर्व से बहुलवाद और एकता को कायम रखे.”
डीएमके नेता ने उज्ज्वल भविष्य की आशा व्यक्त करते हुए कहा कि देश की यात्रा लाखों लोगों के सपनों और आकांक्षाओं की पूर्ति की ओर अग्रसर होनी चाहिए.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ज्ञान, ऊर्जा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता India के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
स्टालिन ने कहा, “हमारे राष्ट्र की उज्ज्वल भविष्य की यात्रा सफल हो, जहां लाखों लोगों के सपने साकार हों. आइए, ज्ञान और ऊर्जा से कल का निर्माण करें और समानता, बंधुत्व, प्रगति और मानवता के मूल्यों के साथ मिलकर आगे बढ़ें.”
उन्होंने अपने संदेश का समापन सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए किया. पूर्व Chief Minister का यह बयान ऐसे समय आया जब पूरे देश में देशभक्ति की भावना के साथ 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा था.
वहीं, तमिलनाडु के Chief Minister जोसेफ विजय ने चेन्नई के फोर्ट सेंट जॉर्ज में तिरंगा फहराया और स्वतंत्रता दिवस पर अपना भाषण दिया.
राज्य भर में समारोहों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और परेडों का आयोजन किया गया, जिसमें सरकारी संस्थानों, स्कूलों, कॉलेजों और आम जनता ने भाग लिया.
विभिन्न Political दलों के नेताओं ने भी जनता को अपनी शुभकामनाएं दीं और ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ India के संघर्ष के दौरान अपने प्राणों का बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
स्टालिन का संदेश विशेष रूप से सामाजिक न्याय और समावेशिता पर केंद्रित था, जो डीएमके की Political विचारधारा के केंद्र में रहे हैं. प्रतिगामी प्रथाओं को अस्वीकार करने और बहुलवाद की रक्षा करने की उनकी अपील पार्टी द्वारा विविधता, लोकतांत्रिक मूल्यों और समान अवसरों पर दिए गए जोर को दर्शाती है.
डीएमके नेता ने लोगों से स्वतंत्रता आंदोलन से प्रेरणा लेने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रगतिशील, दयालु और समावेशी India के निर्माण के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया.
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डीएससी
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