
New Delhi, 9 मई . India ने पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, जिसमें Pakistan के नौ आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया गया. 7 मई 2026 को ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर कोलंबो में श्रीलंका के बड़े अखबारों में Saturday को पूरे पेज के विज्ञापन छपे और पहलगाम में हुए आतंकी हमले में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी गई.
ये विज्ञापन कोलंबो के डेली अखबारों के इंग्लिश, सिंहली और तमिल एडिशन में छपे. श्रीलंका में India के उच्चायुक्त संजय झा ने इन अखबारों की तस्वीरें social media प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की है.
बता दें, 22 अप्रैल, 2025 के पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े इस विज्ञापन में उन 26 बेगुनाह लोगों को खास श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने Pakistan के आतंकवादियों के इस बेरहम हत्याकांड में अपनी जान गंवाई थी.
ये विज्ञापन पूरे श्रीलंका के जाने-माने इंग्लिश, तमिल और सिंहली अखबारों में छपे. यह विज्ञापन कोलंबो में भारतीय समुदाय के लोगों की एक पहल के तहत छापे गए.
India के इस मिलिट्री ऑपरेशन में Pakistan और Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से जुड़े नौ बड़े आतंकी कैंपों पर सटीक हमले किए गए और आतंकवाद के प्रति India की जीरो टॉलरेंस की नीति को दिखाया गया.
अखबार के पहले पन्ने को शेयर करते हुए संतोष झा ने इस कोशिश को हाईलाइट किया, जो आतंकवाद के पीड़ितों के साथ एकजुटता और India की आतंकवाद विरोधी कोशिशों के लिए समर्थन दिखाती है.
वीकेंड मिरर के पहले पन्ने पर छपे एक विज्ञापन में लिखा था, “ऑपरेशन सिंदूर. कहीं हम पहलगाम में बहाए गए बेगुनाहों के खून को न भूल जाएं. न्याय दिलाने वाले हमारे बहादुरों को श्रद्धांजलि. आतंक के पीछे छिपे कायरों के लिए एक सबक.”
श्रद्धांजलि विज्ञापनों में शोक और याद से जुड़ी तस्वीरें भी दिखाई गई, साथ ही पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की गई.
संजय झा ने एक्स पर पोस्ट किया, “कोलंबो में भारतीयों द्वारा अंग्रेजी, सिंहली और तमिल भाषा के बड़े अखबारों में ऑपरेशन सिंदूर का फ्रंट पेज पब्लिकेशन 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमलों को हाईलाइट करते हुए; ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इंसाफ दिलाने वाले हमारे बहादुरों को श्रद्धांजलि देते हुए; आतंकवाद के लिए जीरो टॉलरेंस पर जोर देते हुए.”
ऑपरेशन के एक साल बाद श्रीलंका में यह पहल, आतंकवाद के खिलाफ अपनी ग्लोबल पोजीशन को मजबूत करने के मकसद से India की बड़ी डिप्लोमैटिक पहुंच का हिस्सा मानी जा रही है.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेने के लिए किया गया था, जिसमें Pakistan के समर्थन वाले आतंकवादियों ने 26 बेगुनाह लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी थी. Pakistan के लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की एक ब्रांच, द रेजिस्टेंस फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली थी.
आतंकवादियों ने पीड़ितों को गोली मारने से पहले उनका धर्म पूछा और उन्हें गैर-मुस्लिमों की पहचान के लिए ‘कलमा’ पढ़ने के लिए मजबूर किया. मारे गए लोगों में 25 पर्यटक और एक लोकल पोनी राइड ऑपरेटर शामिल था, जिसने पर्यटकों को बचाने की कोशिश की थी.
कई पीड़ितों की नई-नई शादी हुई थी और कई को उनके परिवारों के सामने करीब से गोली मारी गई.
हमले के जवाब में, भारतीय सेना ने 6 और 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू को अंजाम दिया. अधिकारियों ने इसे एक फोकस्ड, सोची-समझी और बिना उकसावे वाली सैन्य कार्रवाई बताया, जिसमें Pakistan और Pakistan के कब्जे वाले कश्मीर में बड़े आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया.
‘ऑपरेशन सिंदूर’ India की सेना की रणनीतिक क्षमता का एक बड़ा प्रदर्शन था, जिसमें मिलिट्री और नॉन-मिलिट्री दोनों तरह के कदम शामिल थे. इस ऑपरेशन ने आतंकवादी खतरों को सफलतापूर्वक खत्म कर दिया, आगे के हमले को रोका और रणनीतिक संयम बनाए रखते हुए आतंकवाद के प्रति India की जीरो-टॉलरेंस नीति को मजबूत किया.
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पीएम
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