
Mumbai , 25 जून . Maharashtra Government दो स्वतंत्र टास्क फोर्स बनाएगी, एक स्टाम्प ड्यूटी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए और दूसरी राज्य भर में छोटे खनिजों के अवैध खनन को रोकने के लिए. राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने Thursday को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान ये घोषणाएं की.
विधायक जितेंद्र आव्हाड के सवाल और विधायक नाना पटोले के पूरक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि स्टाम्प ड्यूटी रजिस्ट्रेशन में कथित गड़बड़ियों की राज्य-स्तरीय जांच अकाउंटेंट जनरल (एजी) ऑफिस को सौंपी जाएगी.
एजी, 1 अप्रैल 2021 और 31 मार्च 2026 के बीच प्रोसेस किए गए सभी स्टाम्प ड्यूटी एडजुडिकेशन मामलों की गहन जांच करेंगे. रेवेन्यू डिपार्टमेंट की आंतरिक जांच के बजाय, एजी के सीधे मार्गदर्शन में एक स्वतंत्र टास्क फोर्स काम करेगी, जिसके लिए Government मैनपावर, संसाधन और फंड उपलब्ध कराएगी.
बावनकुले ने कहा कि अगर स्टाम्प एक्ट का उल्लंघन पाया जाता है, तो दोषी अधिकारियों को सस्पेंड किया जाएगा. उन पर आपराधिक मामले दर्ज होंगे और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने सीनियर क्लर्क राजकुमार दाहिफले का उदाहरण दिया, जिन्होंने स्टाम्प ऑफिसर का पद संभालने के 10 दिनों के भीतर 941 से ज्यादा डॉक्यूमेंट्स रजिस्टर किए थे. आरोप है कि इन रजिस्ट्रेशन से Maharashtra रीजनल एंड टाउन प्लानिंग (एमआरटीपी) एक्ट, 1966 का उल्लंघन हुआ, जिससे लगभग 13.91 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हुआ.
इस मामले में पहले ही Police केस दर्ज हो चुका है और अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है. साथ ही, अंतिम जांच रिपोर्ट मिलने के बाद Government उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर रही है.
मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही स्टाम्प विभाग में एडजुडिकेशन (निर्णय) की प्रक्रिया अर्ध-न्यायिक हो, लेकिन इसमें स्टाम्प एक्ट का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए. गैर-कानूनी तरीके से एडजुडिकेशन करने वाले किसी भी अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने के लिए नई एसओपी और प्रशासनिक आदेश जारी किए जाएंगे.
विधायक नाना पटोले द्वारा उठाए गए और विधायक जाधव की भागीदारी वाले, छोटे खनिजों की गैर-कानूनी माइनिंग के मुद्दे पर एक अलग चर्चा में बावनकुले ने कहा कि Government इस समस्या से निपटने के लिए एक खास टास्क फोर्स बनाएगी.
–
/एबीएम
Skip to content