
वारणसी, 26 मई . गंगा दशहरा के पावन उपलक्ष्य पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा भव्य आयोजन किया गया. Tuesday के दिन प्रात: काल श्री काशी विश्वनाथ धाम के घाट पर गंगा मैया की विशेष आरती और अभिषेक किया गया.
इस पावन अवसर पर धाम परिसर में स्थापित मां गंगा की प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन-अर्चना किया गया. गंगा दशहर के इस विशेष पर्व पर बाबा की नगरी काशी में श्रृद्धालुओं की भारी भीड़ देखने मिली. देश के कोने-कोने से आए भक्तों ने मां गंगा में आस्था की डुबकी लगाई और बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन का लाभ कमाया.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन मां गंगा राजा भगीरथ की कठोर तपस्या और प्रयासों के फलस्वरूप स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं.
स्कंद पुराण में इस दिन को विशेष महत्व बताया गया है. उनके अनुसार, इस दिन गंगा में स्नान, पूजन और आराधना करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है. सनातन धर्म में गंगा को केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवनदायिनी और मोक्ष प्रदायिनी मां माना गया है. यही वजह है कि आज के दिन गंगाजल से आचमन करने या उसमें पवित्र डुबकी लगाने से जीव को जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है.
भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी ने पत्रकारों को Prime Minister Narendra Modi द्वारा गंगा नदी की सफाई और पुनरुद्धार के लिए शुरू किए गए कार्यक्रमों के बारे में बताया. उन्होंने कहा, “Prime Minister Narendra Modi मां गंगा के प्रति गहरी आस्था और श्रद्धा है. उन्होंने एक बार कहा था कि मां गंगा ने उन्हें बुलाया है. इसी भावना के साथ, गंगा की सफाई और पुनरुद्धार के लिए ‘नमामि गंगे’ जैसी योजनाएं शुरू की गईं.”
प्रयागराज में एक भक्त ने कहा, “आज गंगा दशहरा है. इसी दिन भागीरथी मां गंगा को धरती पर लाए थे और धरती पर अवतरित होने के बाद, मां गंगा ने मानवता को आशीर्वाद दिया और उसका उद्धार किया था.”
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महंत बलवीर गिरि महाराज ने कहा, “इस पवित्र काल का बहुत अधिक आध्यात्मिक महत्व है. इस समय गंगा दशहरा का पर्व और ‘नौ तपा’ का काल चल रहा है. भगवान हनुमान की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है. पवन देव के पुत्र होने के कारण मान्यता है कि भगवान हनुमान भीषण गर्मी में लोगों को शीतलता और राहत प्रदान करते हैं.”
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पवन शुक्ला ने कहा, “गंगा दशहरा के पवित्र अवसर पर, नीलकंठ तिवारी के नेतृत्व में देवी अहिल्याबाई घाट पर एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया. आचार्य उदित नारायण मिश्रा के मार्गदर्शन में, 51 युवा पुजारियों ने 21 लीटर दूध से मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया, षोडशोपचार पूजा संपन्न की और गंगा आरती की.”
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एनएस/पीएम
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