
ग्रेटर नोएडा, 25 जून . Samajwadi Party ने जिम्स अस्पताल में कर्मचारियों के साथ कथित बर्बरता और उनकी मांगों की अनदेखी के विरोध में Thursday को ग्रेटर नोएडा में प्रदर्शन किया. पार्टी कार्यकर्ताओं ने सूरजपुर स्थित कलेक्ट्रेट के सामने मुख्य मार्ग पर पहुंचकर विरोध जताया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित होने की भी सूचना मिली, हालांकि Police ने स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया.
Samajwadi Party के नेताओं और कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पिछले दिनों जिम्स अस्पताल में अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे कर्मचारियों के साथ Police द्वारा अभद्र व्यवहार, धक्का-मुक्की और बर्बरता की गई थी. कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके साथ बल प्रयोग किया गया.
इसी मुद्दे को लेकर Samajwadi Party ने कर्मचारियों के समर्थन में सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता सूरजपुर कलेक्ट्रेट पहुंचे और अस्पताल कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई.
कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट के सामने स्थित सूरजपुर-परी चौक मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ.
मौके पर पहुंची Police ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया और हालात को सामान्य बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए. Police और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति पर लगातार नजर रखी गई. वहीं, Police की ओर से जारी बयान में कहा गया कि संदर्भित प्रकरण में Samajwadi Party के कुछ कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन देने के बाद सभी कार्यकर्ता शांतिपूर्वक अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए.
Police के अनुसार क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और यातायात भी सुचारू रूप से संचालित हो रहा है. सूरजपुर थाना क्षेत्र में हुए इस घटनाक्रम को लेकर Political माहौल गर्म हो गया है. एक ओर Samajwadi Party अस्पताल कर्मचारियों के समर्थन में मुखर नजर आ रही है, वहीं प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं और उनकी मांगों पर नियमानुसार विचार किया जा रहा है.
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पीकेटी/डीकेपी
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