
New Delhi, 27 जुलाई . Samajwadi Party के प्रवक्ता फखरुल हसन चंद ने प्रस्तावित पेपर लीक रोधी विधेयक, एनटीए सुधारों, मोहन भगवत की टिप्पणियों सहित कई मुद्दों पर टिप्पणी करते हुए Government पर निशाना साधा. वहीं, आरजेडी सांसद सांसद मनोज कुमार झा ने पेपर लीक विरोधी बिल को लेकर टिप्पणी की.
पेपर लीक रोकने के लिए प्रस्तावित बिल पर प्रतिक्रिया देते हुए Samajwadi Party के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने से बातचीत में कहा, “Samajwadi Party का मानना है कि युवाओं ने एक अहम लड़ाई जीती है. भारतीय जनता पार्टी इस बात पर अड़ी थी कि वह धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं लेगी, लेकिन छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें रखीं और आखिरकार Government को झुकना पड़ा. अगर Government ने ये फैसले पहले लिए होते, यह बिल जल्दी पेश किया होता और अपने दूसरे विधायी एजेंडे के बजाय छात्रों के हित में कानून बनाने को प्राथमिकता दी होती, तो शायद इतने बड़े पैमाने पर आंदोलन नहीं होता और युवाओं को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता. युवा सड़क पर उतरा, क्योंकि भाजपा Government मानने को तैयार नहीं थी कि पेपर लीक से कोई नुकसान हो रहा है. पूरे देश के युवाओं में गुस्सा था, अब Government जागी है. Government जो बिल अब ला रही है, इसको बहुत पहले ही लाना चाहिए था.”
एनटीए में सुधारों को लेकर सपा प्रवक्ता ने कहा, “टास्क फोर्स और कानून बने, लेकिन यह केवल दिखावा न हो. भाजपा Government में जब कोई घटना घटित होती है तो बड़ी-बड़ी बातें और दावे किए जाते हैं लेकिन आखिर दावे खोखले नजर आते हैं.”
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए Samajwadi Party के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा, “Samajwadi Party का मानना है कि आज महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं. एक तरफ भारतीय जनता पार्टी महिला आरक्षण बिल की बात करती है, तो दूसरी तरफ उसकी विचारधारा से जुड़े संगठनों की ओर से इस तरह के बयान दिए जाते हैं. ऐसी विरोधाभासी बातें महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक समानता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं.”
पेपर लीक विरोधी बिल पर आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “पेपर लीक कानूनों की कमी की वजह से नहीं हुआ है. सिस्टम के अंदर के लोग ही इसमें शामिल हैं और जो लोग उन पर नजर रखने के लिए जिम्मेदार हैं, वे आंखें मूंदे हुए हैं और ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहे हैं. मैं एक छोटा सा उदाहरण देता हूं, जब कोई पार्टी हॉर्स-ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के जरिए विधानसभा में अपनी ताकत बढ़ाती है, तो यह विडंबना है कि वह नीट के बारे में कड़े शब्दों में बात करने की कोशिश करती है. क्योंकि भ्रष्टाचार का एक रूप दूसरे रूप को जन्म देता है. जब तक ऐसे सिस्टम से जुड़ी समस्याओं को संबोधित नहीं किया जाता, उनका समाधान नहीं किया जाता और उन्हें खत्म नहीं किया जाता, तब तक मेरा मानना है कि यह सब सिर्फ हेडलाइन मैनेजमेंट है.”
बांकीपुर उपचुनाव पर मनोज कुमार झा ने कहा, “मैं भाजपा की चिंता समझ सकता हूं. दतिया में भी उपचुनाव हो रहे हैं, लेकिन चर्चा बांकीपुर की हो रही है. साफ है कि उनके पैरों तले जमीन खिसक रही है और जो थोड़ी-बहुत कसर बची थी, उसे Police की बर्बरता ने और खराब कर दिया.”
राम मंदिर चंदा मामले पर सांसद ने कहा, “पुराने मामले का क्या हुआ? मैं बार-बार कह रहा हूं कि वे किसी तरह इस मुद्दे को कमजोर करने और ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं. यह चंदे की चोरी नहीं है, यह डकैती है.”
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ओपी/पीएम
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