
New Delhi, 11 अगस्त . संसद के मानसून सत्र के दौरान ‘चढ़ावा चोरी’ के आरोपों और गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर विपक्ष और Government के बीच गतिरोध जारी है. विपक्ष ने सदन में विस्तार से चर्चा करने की मांग की है.
Samajwadi Party (एसपी) सांसद राम गोपाल यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्ष की दो प्रमुख मांगें हैं. पहला राम मंदिर के नाम पर मिले चढ़ावा में अनियमितताओं पर चर्चा और दूसरा गृह मंत्री की मौजूदगी में संबंधित मुद्दे पर चर्चा हो. उन्होंने आरोप लगाया कि Government इन मुद्दों पर पूरी तरह चर्चा कराने से बच रही है.
राम गोपाल यादव ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि दोनों मुद्दों पर सदन में विस्तार से और उचित तरीके से चर्चा हो. उनके मुताबिक, यदि Government इन दोनों मांगों पर चर्चा के लिए तैयार होती है तो संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चल सकती है. उन्होंने सवाल उठाया कि Government कथित ‘चंदा चोरी’ के मुद्दे पर चर्चा से क्यों बच रही है.
एसपी सांसद ने कहा कि राम मंदिर के लिए देश के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले रामभक्तों और हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले लोगों ने भी बड़ी मात्रा में दान और चढ़ावा दिया है. इसलिए, उनके अनुसार, इस मुद्दे का प्रभाव केवल India तक सीमित नहीं है.
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने धार्मिक आस्था के कारण राम मंदिर के लिए योगदान दिया है, उनके सामने भी इस धन के इस्तेमाल को लेकर पारदर्शिता का सवाल महत्वपूर्ण है. विपक्ष इसी विषय पर संसद में चर्चा की मांग कर रहा है.
इस बीच, Samajwadi Party के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी Government पर विपक्ष की मांगों से बचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चर्चा से विपक्ष नहीं, बल्कि Government भाग रही है. अवधेश प्रसाद के मुताबिक, विपक्ष सदन में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और Government को मुद्दों पर बहस कराने के लिए आगे आना चाहिए.
अवधेश प्रसाद ने लाल किले से पहली बार ‘वंदे मातरम’ बजाए जाने का भी स्वागत किया. उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ पूरे देश के लिए भाईचारे और एकता का संदेश देता है. उनके अनुसार, यह गीत India की ‘अनेकता में एकता’ की भावना का प्रतीक है और इससे देश के लोगों के बीच आपसी बंधन और मजबूत होना चाहिए.
उत्तर प्रदेश के मदरसों में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आयोजित किए जाने के सवाल पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान पूरे देश और दुनिया में होना चाहिए. उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल बाजार से खरीदा गया कपड़ा नहीं है, बल्कि इसके पीछे स्वतंत्रता संग्राम में अनगिनत लोगों के बलिदान की कहानी है.
‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर भी सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने आरएसएस और भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने राष्ट्रीय ध्वज को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में राष्ट्रीय अवसरों पर तिरंगा फहराने की परंपरा आज की नहीं, बल्कि आजादी के समय से चली आ रही है. उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसरों पर देशभर में तिरंगा फहराया जाता रहा है.
आशुतोष वर्मा ने आरएसएस के मुख्यालय पर लंबे समय तक तिरंगा नहीं फहराए जाने को लेकर सवाल उठाया. उन्होंने दावा किया कि संगठन ने कई दशकों तक अपने मुख्यालय पर राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया और अब ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की बात कर रहा है. उन्होंने इसे ‘पाखंड’ बताते हुए आरएसएस से इस संबंध में स्पष्टीकरण देने की मांग की.
वहीं, ‘वंदे मातरम’ के पूरे गीत को लेकर भी सपा प्रवक्ता ने ऐतिहासिक संदर्भ सामने रखा. उन्होंने कहा कि जब ‘वंदे मातरम’ को राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाने पर चर्चा हुई, तब इसके कुछ हिस्सों को लेकर सहमति बनाई गई थी. उनके मुताबिक, शुरुआती पंक्तियों को लेकर व्यापक सहमति थी, जबकि बाद के छंदों में देवी दुर्गा की उपासना का उल्लेख होने के कारण कुछ लोगों की धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखा गया.
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में ऐसे लोग भी हैं जो मूर्ति पूजा नहीं करते, इसलिए सभी समुदायों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए गीत के चयनित हिस्से को स्वीकार किया गया था. उनका आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी अब ‘वंदे मातरम’ के पूरे गायन के मुद्दे को Political बहस का हिस्सा बना रही है.
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एएस
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