अतीक अहमद के बेटे की मौत पर सपा नेता अबू आजमी ने उठाया सवाल, बोले-सरकार पर लोगों को संदेह

Mumbai , 9 अगस्त . Maharashtra में Samajwadi Party के नेता और विधायक अबू आजमी ने अतीक अहमद के दिवंगत पुत्र अबान की मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि जिस परिस्थिति में यह घटना हुई है, उससे यह भरोसा नहीं होता कि मामले में पूरी तरह न्याय हो रहा है.

से बातचीत में घटना को लेकर अबू आजमी ने कहा कि कई स्वाभाविक सवाल खड़े होते हैं और अब तक सामने आए घटनाक्रम पर संदेह पैदा होता है.

उन्होंने कहा कि कानून को बिना किसी हस्तक्षेप और बिना भेदभाव के अपना काम करने दिया जाना चाहिए. उनके अनुसार, केवल निष्पक्ष और पारदर्शी जांच ही पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है और लोगों का भरोसा बहाल कर सकती है.

अबू आजमी ने कहा कि इस मामले की जांच की जानी चाहिए लेकिन जो लोग दिन के उजाले में और Police की कस्टडी में गोली मरवा देते हैं, वे लोग क्या इस मामले की जांच करेंगे. इंसाफ की उम्मीद नजर नहीं आ रही है. एक ही रास्ता है कोर्ट का लेकिन वहां भी संतुष्टि नहीं है. मैं ज्यादा बोलकर अवमानना नहीं करना चाहता.

उन्होंने कहा कि अगर किसी के खिलाफ केस है तो उसे पकड़िए. कई लोग पकड़े गए और उन्हें सजा भी हुई है. Government दिखाती है कि हम बाहुबली हैं और किसी की दादागिरी बर्दाश्त नहीं करेंगे. अतीक अहमद और उनके परिवार के साथ जो हुआ है लोगों को शक हो रहा है कि कुछ गड़बड़ी तो नहीं है.

अबू आजमी ने कहा कि वह जेल में भी नहीं था. अपने भाई से मिलने जा रहा था और एक्सीडेंट में उसकी मौत हो गई. ऐसे में Government शक के दायरे में है और निष्पक्ष एजेंसी से जांच करवानी चाहिए, जिससे लोगों को संतुष्टि मि.”

परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल वह निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकते. समय ही बताएगा कि उन्हें कोई खतरा है या नहीं, हालांकि किसी को भी कोई खतरा नहीं होना चाहिए.

जब उनसे पूछा गया कि घटना के पीछे कौन हो सकता है, तो उन्होंने कहा, ”जब किसी की मौत Police हिरासत में हुई है, तो इसके पीछे कौन हो सकता है?”

Samajwadi Party नेता ने Government पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन यह संदेश देना चाहता है कि सत्ता उसके हाथ में है और वह किसी भी तरह की दबंगई या डराने-धमकाने की राजनीति बर्दाश्त नहीं करेगा.

उन्होंने कहा कि कुछ रिपोर्टों में इस घटना को सड़क दुर्घटना बताया गया है, लेकिन पूरे मामले की किसी प्रमुख जांच एजेंसी से गहन जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सभी तथ्य सामने आ सकें.

अबू आजमी ने कहा कि कानून-व्यवस्था पर लोगों का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है. उनके अनुसार, किसी विश्वसनीय और स्वतंत्र केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच कराए जाने से सभी संदेह दूर होंगे, जवाबदेही तय होगी और यह सुनिश्चित होगा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है.

उन्होंने दोहराया कि इस मामले की सच्चाई तभी सामने आ सकती है, जब जांच किसी भी Political या प्रशासनिक प्रभाव से मुक्त होकर की जाए.

एएमटी/पीएम