सपा-कांग्रेस नेताओं ने कहा, ‘पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, फिर वार्ता’

New Delhi, 23 जुलाई . Samajwadi Party (सपा) के नेता अनुराग भदौरिया और कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने नीट पेपर लीक मामले में पीएम मोदी के social media पोस्ट पर तंज कसते हुए कहा कि Government को पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए. इसके बाद ही वार्ता के लिए विपक्ष तैयार होगा.

नीट पेपर लीक मामले में करीब एक माह से जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की अगुवाई में विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है. 20 जुलाई को उग्र प्रदर्शनकारियों और दिल्ली Police के बीच झड़प हुई, जिसमें कुछ प्रदर्शनकारियों को चोट भी पहुंची.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने Wednesday को कहा कि Government वार्ता के लिए तैयार है तो Thursday को पीएम मोदी ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि Government के लिए युवा पहले हैं और पेपर लीक मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

Samajwadi Party (सपा) नेता अनुराग भदौरिया ने से बातचीत में कहा कि सभी मांग कर रहे हैं कि केंद्र Government शिक्षा मंत्री से इस्तीफा ले. लेकिन, Government तो इस मामले में चुप है. Prime Minister ने जो पोस्ट किया है, यह सिर्फ दिखावा है. जिन बच्चों को चोट पहुंची है, उनके बारे में Government को दो शब्द कहने चाहिए. Government को उनकी परेशानी समझ में नहीं आती. उन्होंने आरोप लगाया कि Government तानाशाही रवैया अपनाती है. लोकतंत्र में जनता की ताकत होती है.

उन्होंने कहा कि Government एक तरफ संसद में वंदे मातरम का बिल ला रही है तो दूसरी तरफ वंदे मातरम का नारा लगाने वाले छात्रों को पीटा जा रहा है.

कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा ने भी Government पर निशाना साधते हुए कहा कि अब एक्शन लेने का वक्त है. उन्होंने मांग की कि आंदोलित छात्रों की मांगों को मानना चाहिए. उन्होंने Lok Sabha में नेता विपक्ष राहुल गांधी के साथ जिस तरह का बर्ताव दिल्ली Police की ओर से किया गया, उसकी निंदा की.

आराधना मिश्रा ने कहा कि केंद्र Government पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा कराए और उसके बाद चर्चा करे. आराधना मिश्रा ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे. चुनाव को लेकर कांग्रेस की पूरी तैयारी है और इंडिया गठबंधन पूरी मजबूती के साथ चुनाव लड़ेगा.

डीकेएम/एबीएम