
New Delhi, 9 अगस्त . भारतीय कार इंडस्ट्री का आकार वित्त वर्ष 2030-31 तक बढ़कर 61 से 63 लाख यूनिट्स तक पहुंच सकता है. इस दौरान छोटी गाड़ियों की बाजार हिस्सेदारी बीते पांच वर्षों में हुई वृद्धि के मुकाबले तेजी से बढ़ेगी. यह बयान मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन आरसी भार्गव ने Sunday को दिया.
भार्गव ने कहा कि GST सुधारों ने न सिर्फ ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री को, बल्कि अर्थव्यवस्था के कई सेक्टर को भी नई रफ्तार दी है और “हम अगले पांच सालों में कार मार्केट की संभावित ग्रोथ का जितना हो सके, उतना सटीक अनुमान लगाने की प्रक्रिया में हैं.”
मारुति सुजुकी इंडिया ने अपनी ‘एनुअल इंटीग्रेटेड रिपोर्ट 2025-26’ जारी की है. इसमें बताया गया है कि कैसे छोटी कारों के सेगमेंट में वापसी, कंपनी के एसयूवी पोर्टफोलियो का मजबूत होना, मल्टी-पावरट्रेन स्ट्रैटेजी, क्षमता बढ़ाने पर फोकस और जबरदस्त निर्यात प्रदर्शन ने ग्रोथ के लिए नई रफ्तार पैदा की है.
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 24.22 लाख गाड़ियों की अब तक की सबसे ज्यादा सालाना बिक्री और 4.47 लाख गाड़ियों के निर्यात का रिकॉर्ड बनाया.
भार्गव के बयान के अनुसार, लगातार तीसरे साल 20 लाख गाड़ियों की बिक्री का आंकड़ा छूने के बाद, उम्मीद से पहले ही गाड़ियों की बिक्री का अगला दस लाख का माइलस्टोन हासिल करने को लेकर आशावादी है.
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, हिसाशी ताकेउची ने कहा, “हमने अपनी क्षमता बढ़ाने की योजनाओं में तेजी लाई. वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान, हमने 5,00,000 यूनिट की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता जोड़ी.”
ताकेउची ने बताया, “ग्राहकों की उम्मीदें तेजी से बदल रही हैं. कंपनी अपने एसयूवी पोर्टफोलियो को और मजबूत करने के लिए अगले 5 से 6 सालों में 7 एसयूवी लॉन्च करने की योजना बना रही है.”
जैसे-जैसे India 2047 तक एक विकसित देश बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के पास इस सफर में सार्थक योगदान देने की जिम्मेदारी और मौका दोनों हैं.
उन्होंने कहा, “मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपोर्ट, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, रोज़गार पैदा करने, स्किल डेवलपमेंट और सस्टेनेबल मोबिलिटी के जरिए मारुति सुजुकी India की आकांक्षाओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है. गाड़ियों की बिक्री का अगला दस लाख का आंकड़ा महज संख्या का माइलस्टोन नहीं है, बल्कि उससे कहीं ज्यादा है.”
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एबीएस
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