
इंफाल, 28 जुलाई . पिछले 24 घंटों में मणिपुर के अलग-अलग जिलों में चलाए गए अभियानों में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित विद्रोही संगठनों से जुड़े छह कट्टर उग्रवादियों को गिरफ्तार किया. उनके पास से हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों का भारी जखीरा बरामद हुआ. साथ ही सुरक्षाबलों ने एक ड्रग तस्कर को भी पकड़ा.
Police के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि खुफिया जानकारी के आधार पर Police और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के जॉइंट ऑपरेशन में इम्फाल वेस्ट, इंफाल ईस्ट, तेंगनौपाल और काकचिंग जिलों से छह उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार किए गए उग्रवादी प्रतिबंधित कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (केसीपी), पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए), इसके पॉलिटिकल विंग रिवोल्यूशनरी पीपुल्स फ्रंट (आरपीएफ) और सोशलिस्ट रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (एसओआरईपीए) से जुड़े हैं.
Police के मुताबिक, वे किडनैपिंग और जबरन ‘चंदा’ वसूलने (जो उग्रवादी समूहों द्वारा रंगदारी के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है) जैसी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे.
एक अलग ड्रग-विरोधी ऑपरेशन में, मणिपुर Police ने चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग इलाके से 33 साल के लेतमिनतगांग हाओलाई नाम के एक कथित ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया. Police ने आरोपी के पास से 2.5 किलो ब्राउन शुगर (जिसकी कीमत इंटरनेशनल अवैध बाजार में लगभग 5 करोड़ रुपए है) और एक टू-व्हीलर जब्त की.
पहाड़ी चुराचांदपुर जिले की सीमा मिजोरम से लगती है और म्यांमार के साथ बिना-बाड़ वाली इंटरनेशनल सीमा भी है. Police को शक है कि जब्त किए गए ड्रग्स म्यांमार सीमा के रास्ते राज्य में तस्करी करके लाए गए थे.
Police अधिकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने इम्फाल ईस्ट, बिष्णुपुर और दूसरे जिलों के संवेदनशील इलाकों में अलग-अलग सर्च ऑपरेशन चलाकर भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक भी बरामद किए.
बरामद हथियारों में पांच सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), अलग-अलग तरह की पांच इंसास राइफल, चार एके-सीरीज राइफल, छह .303 राइफल, 10 सिंगल-बैरल बंदूकें, चार डबल-बैरल बंदूकें, एक देसी स्नाइपर राइफल, तीन पिस्तौल, एक देसी ‘पोम्पी’ बंदूक, एक 12-बोर राइफल, कई इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और कुछ वायरलेस कम्युनिकेशन सेट शामिल थे.
इस बीच, सेंट्रल और राज्य एजेंसियों के जवानों वाली सुरक्षा बलों की टीमों ने पूरे मणिपुर में उग्रवाद-विरोधी ऑपरेशन तेज कर दिए हैं.
उग्रवादियों को बाहर निकालने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बाहरी इलाकों, मिली-जुली आबादी वाले इलाकों और दूसरी संवेदनशील जगहों पर बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन और एरिया डोमिनेशन एक्सरसाइज की जा रही हैं. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के तहत घाटी और पहाड़ी जिलों में उग्रवादियों, असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गाड़ियों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए कुल 111 नाके और चेकपॉइंट बनाए गए हैं.
सुरक्षा बल रणनीतिक रूप से अहम इंफाल-जिरीबाम नेशनल हाईवे (एनएच-37) पर जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों समेत दूसरी गाड़ियों को भी हथियारबंद सुरक्षा दे रहे हैं, ताकि सामान की आवाजाही बिना किसी रुकावट के होती रहे.
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एससीएच/डीकेपी
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