भरतनाट्यम में मोहिनी मुद्राओं से प्रकटे रसराज कृष्ण मुग्धा गावकर का गायन आज

उदयपुर (Udaipur). पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की ओर आयोजित शास्त्रीय संगीत व नृत्य समारोह ‘‘शरद रंग’’ में शुक्रवार (Friday) को अहमदाबाद (Ahmedabad) की नृत्यांगना शीतल मकवाना व उनके साथियों ने भरतनाट्यम शैली में अपनी प्रस्तुति से वातावरण को कृष्णमय बना दिया.

केन्द्र निदेशक श्रीमती किरण सोनी गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि शिल्पग्राम के दर्पण सभागार में आयोजित तीन दिवसीय ‘‘शरद रंग’’ में शीतल मकवाना के नेतृत्व में 10 नृत्यांगनाओं ने दक्षिण भारतीय नृत्य शैली भरतनाट्यम के तत्वों का सुरों, नर्तन और अभिनय को बेहतरीन सामंजस्य के साथ सम्मिश्रित करते हुए अपनी प्रस्तुति दी. शीतल और इसके दल ने इस अवसर पर नृत्य नाट्य ‘‘प्रेम का प्रतीक: रसराज का प्रदर्शन किया.

प्रस्तुति में कृष्ण व उनके सुंदर रूप के वर्णन निरूपण किया गया तथा राधा और गोपियों के साथ उनके दिव्य प्रेम को दर्शाया गया जिसमें रूठना, मनाना इत्यादि विभिन्न प्रकार के रसांे का सम्मिलन कराया गया. सखी, गोपी, राधा इन सब के जीवन का आधार योगेश्वर श्रीकृष्ण है. उनकी पत्नियां एवं प्रेमिका में राधा के प्रेम को सर्वोच्च स्थान मिला है. यहां गापियों को और राधा के मनःस्थिति का कई रंग में निरूपण किया गया है. यहां प्रेम की मूर्ति है कन्हैया, प्रेम का पर्याय है कान्हा और प्रेम का प्रतीक है कृष्णा. कृष्णा के साथ जुडी हुई गोकुल की कई सारी मधुर प्रसंग प्रस्तुति में उत्कृष्ट ढंग से दर्शाये गये. प्रस्तुति में संगीत पक्ष जहां प्रबल बन सका वहीं कलाकारों ने अपनी भाव सम्पेषणता से प्रस्तुति को सशक्त बनाया.

कार्यक्रम में शीतल मकवाना के साथ युति पटेल, उन्नति जिंदल, प्रियंका बोहरा, हिमजा शिहोरा, कैरवी जोशी, कृष्णा शुक्ला, दृष्टि शाह, मोक्षा शाह ने नृत्य प्रस्तुति दी. शरद रंग के आखिरी दिन शनिवार (Saturday) शाम गोवा की युवा व उभरती गायिका मुग्धा गावकर सुगम और शास्त्रीय संगीत प्रस्तुत करेंगी.

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