सिद्धारमैया ने कर्नाटक उपचुनाव में जीत की सराहना की, बंगाल के नतीजों पर सवाल उठाए

Bengaluru, 4 मई . कर्नाटक के Chief Minister सिद्धारमैया ने राज्य में उपचुनाव और पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के परिणाम पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने Monday को बागलकोट और दावणगेरे में हुए उपचुनावों में कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि जनादेश उनकी Government की उपलब्धियों और पार्टी की विचारधारा की अटूट शक्ति को दर्शाता है.

चुनाव परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए एक बयान में उन्होंने कहा कि गलत सूचना अभियानों और धनबल के प्रभाव के बावजूद, कर्नाटक के दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं ने कांग्रेस और उसके शासन में अपना विश्वास दोहराया है. उन्होंने कहा कि पार्टी इस विश्वास को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और आगामी विधानसभा चुनावों में भी जनता के निरंतर समर्थन को लेकर आश्वस्त है.

अन्य राज्यों के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए सिद्धारमैया ने केरल और तमिलनाडु के मतदाताओं को बधाई दी और कहा कि उन्होंने विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ स्पष्ट फैसला सुनाया है. उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस की जीत अपेक्षित थी और इसका श्रेय एकजुट नेतृत्व, मजबूत उम्मीदवारों के चयन और प्रभावी चुनाव प्रचार को दिया. उन्होंने पार्टी के प्रदर्शन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की भूमिका को भी स्वीकार किया.

उन्होंने कहा कि केरल में कांग्रेस विधायक दल जल्द ही अपना अगला Chief Minister चुनेगा और विश्वास व्यक्त किया कि राज्य में शासन व्यवस्था राष्ट्रीय स्तर पर मिसाल कायम करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस जीत से कर्नाटक में कांग्रेस और मजबूत होगी.

पश्चिम बंगाल को लेकर Chief Minister ने कहा कि सत्ताधारी Government के खिलाफ जबरदस्त जनविरोधी भावना थी और उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची संशोधन में अनियमितताओं के साथ-साथ प्रशासनिक मशीनरी, धन और बाहुबल के दुरुपयोग ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया. उन्होंने दावा किया कि संशोधन प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम छूट जाने से भी परिणाम प्रभावित हुए.

उन्होंने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौती है और आरोप लगाया कि धार्मिक ध्रुवीकरण पर निर्भरता लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है. उन्होंने आशा व्यक्त की कि राज्य के मतदाता अगले Lok Sabha चुनावों में जनादेश का पुनर्मूल्यांकन करेंगे.

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