जेईई एडवांस में दिल्ली जोन के शुभम कुमार ने हासिल की टॉप रैंक, छात्रों को बताया सफलता का मूल मंत्र

jaipur, 1 जून . देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में बैचलर पाठ्यक्रमों जैसे-बीटेक और बीआर्क में प्रवेश के लिए आयोजित की जाने वाली परीक्षा जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई)-एडवांस 2026 का परिणाम Monday को जारी कर दिया गया. इस वर्ष जेईई (एडवांस) की परीक्षा में आईआईटी दिल्ली जोन के शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक 1 प्राप्त की है. शुभम ने 360 में से 330 अंक हासिल कर मेरिट सूची में शीर्ष पर अपनी जगह बनाई.

इस वर्ष जेईई एडवांस्ड में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले कोटा के छात्रों में से एक शुभम कुमार ने शानदार प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जिससे आईआईटी-जेईई की तैयारी के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में जाने वाले शहर कोटा की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई. कोटा में जेईई एडवांस्ड के परिणामों के बाद छात्रों के शानदार प्रदर्शन का जश्न मनाया गया, जिसमें शुभम कुमार ने पहला स्थान, कबीर छिल्लर ने दूसरा और अर्नव गौतम ने शीर्ष 10 में जगह बनाई. इस दौरान छात्रों और कोचिंग संस्थानों में व्यापक उत्साह का माहौल छा गया.

इसी को लेकर शुभम ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए बताया कि इस सफलता की जर्नी काफी शानदार रही. परिणाम आने के बाद बहुत ज्यादा उत्सुक हूं. रिजल्ट से परिवार सहित संस्थान में खुशी का माहौल है. उन्होंने अपने जूनियर्स को सलाह देते हुए कहा कि बस लगन के साथ मेहनत करते रहें, बाकी जो होगा अच्छा ही होगा.

शुभम ने बताया कि जब वो कोटा आए थे, तब उन्हें बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी कि उनका पहला स्थान आएगा, लेकिन जैसे-जैसे टेस्ट में बेहतर परिणाम आता गया, अंदर का कॉन्फिडेंस बढ़ता गया और अच्छी रैंक आने की उम्मीद बढ़ी. उन्होंने बताया कि पढ़ाई का सफर काफी शानदार रहा. हालांकि थोड़ी बहुत ऊपर-नीचे तो होती रहती है, लेकिन मैंने खुद को हमेशा पढ़ाई के प्रति प्रेरित और फोकस्ड रखा. उन्होंने रैंक-1 लाने का मूल मंत्र डेडिकेशन के साथ हार्ड वर्क और कभी हार नहीं मानना बताया. शुभम आगे की पढ़ाई आईआईटी Mumbai से करने की तैयारी में हैं. इसके बाद वो कंप्यूटर साइंस (सीएस) डिपार्टमेंट में नौकरी करना चाहते हैं.

वहीं, बेटे की इतनी बड़ी उपलब्धि को लेकर शुभम के माता-पिता ने कहा कि यह उनके परिवार के लिए बहुत बड़ी जीत है. उन्होंने बताया कि शुभव शुरू से ही काफी मेहनती है. उसने इस सफलता को हासिल करने के लिए काफी परिश्रम किया है.

जेईई (एडवांस) में दूसरी रैंक प्राप्त करने वाले कबीर छिल्लर ने कहा कि इन दो वर्षों की जर्नी में शिक्षकों का बहुत सहयोग रहा. इस सफलता में खुद की मेहनत तो सबसे ऊपर होती है. उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि दी कि टास्क का बैकलॉग नहीं बनने देना है और निरंतर मेहनत के साथ आत्मविश्वास से आप अच्छी रैंक प्राप्त कर सकते हैं. कबीर ने छात्रों को सलाह दी कि अगर आपने 2 वर्ष मेहनत कर ली तो आपको अच्छे कॉलेज में एडमिशन मिल जाएगा, जिससे जीवन में एक राह मिल जाती है.

शीर्ष 10 में जगह बनाने वाले अर्नव गौतम ने बताया कि मैंने प्रतिदिन 10 से 12 घंटे की पढ़ाई की. इस जर्नी में मेरे माता-पिता का बहुत सहयोग रहा, जो हमेशा मेरे साथ खड़े रहे और मुझे मोटिवेट किया. उन्होंने मेरी पढ़ाई को लेकर हमेशा शिक्षकों से संपर्क बनाए रखा. अर्नव ने छात्रों को मूल मंत्र देते हुए कहा कि मेहनत करते रहें और विश्वसनीय शिक्षकों से पढ़ाई के लिए राय लेते रहें. गौतम ने बताया कि उन्होंने जेईई की तैयारी के दौरान कम से कम मोबाइल फोन और social media का इस्तेमाल किया. इसी के साथ उन्होंने कोटा के बच्चों को लेकर कहा कि आप गर्व करें कि आपको यहां पढ़ने का मौका मिला है.

जेईई एडवांस में Rajasthan के झुंझुनू के गोठ गांव के जतिन चाहर ने अखिल भारतीय रैंक तीसरी हासिल की. बेटे की इसी उपलब्धि को लेकर उनके माता-पिता ने कहा कि उसने काफी मेहनत की है. जिस दिन क्लास होता था, वह 6 से 7 घंटे घर पर पढ़ाई किया करता था. जब क्लास बंद हो गई तो उसके बाद वह प्रतिदिन 11 से 12 घंटे की पढ़ाई करता था.

वहीं, जतिन चाहर ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता के साथ शिक्षकों को दी है. उन्होंने बताया कि वो आगे आईआईटी-Mumbai से कंप्यूटर साइंस (सीए) इंजीनियरिंग करेंगे. उन्होंने बताया कि जेईई की तैयारी के दौरान वो मोबाइल फोन का बिल्कुल भी इस्तेमान नहीं करते थे, न ही social media पर उनका कोई अकाउंट है.

जेईई (एडवांस) एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जो इस वर्ष 17 मई को आयोजित की गई थी और दोनों पेपरों में कुल 1,79,694 छात्र-छात्राओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी, जिनमें से 56,880 उम्मीदवारों ने सफलता प्राप्त की. सफल अभ्यर्थियों में 10,107 छात्राएं और 46,773 छात्र शामिल हैं.

कॉमन रैंक लिस्ट के शीर्ष 5 में दिल्ली जोन का दबदबा देखने को मिला. शुभम कुमार पहले, कबीर छिल्लर दूसरे और जतिन चाहर तीसरे स्थान पर रहे. चौथे स्थान पर मद्रास जोन के मोहित शेखर शुक्ला और पांचवें स्थान पर कुची संदीप रहे. वहीं, दिल्ली जोन की ही आरोही देशपांडे 280 अंक के साथ देश की शीर्ष महिला अभ्यर्थी बनीं हैं. उन्होंने 77वीं रैंक प्राप्त की.

डीके/