‘शॉर्टकट विल कट यू शॉर्ट’, प्रधानमंत्री मोदी का संदेश- ‘शॉर्टकट के रास्ते से निकलें बाहर नौजवान’

New Delhi, 12 जुलाई . Prime Minister Narendra Modi ने देश की युवा पीढ़ी ‘शॉर्टकट’ के रास्ते से बाहर निकलने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि रील का जमाना है. social media में इंफ्लूएंसर आपको खींचकर कहीं से कहीं ले जाते हैं.

Prime Minister मोदी ने Wednesday को पूर्व President रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माई लाइफ, माई स्ट्रगल्स’ का विमोचन किया. इस दौरान, पीएम मोदी ने युवा पीढ़ी से पूर्व President की आत्मकथा पढ़ने और उनके जीवन के अनुभवों व संघर्षों से सीखने का आग्रह किया.

उन्होंने कहा, “मैं युवा पीढ़ी से खासकर आग्रह करता हूं. रील का जमाना है. social media में इंफ्लूएंसर आपको खींचकर कहीं से कहीं ले जाते हैं. इस शॉर्टकट के युग में भी एक बात जरूर याद रखें. रेलवे स्टेशनों पर कुछ लोगों को पटरी पर कूदकर जाने की आदत होती है. वह ब्रिज से होकर नहीं जाते हैं, लेकिन वहां (रेलवे स्टेशन) पर लिखा होता है- ‘शॉर्टकट विल कट यू शॉर्ट’.”

पीएम मोदी ने कहा कि अगर शॉर्टकट के रास्ते से बाहर निकलना है तो मैं नौजवानों से कहूंगा कि आपको जिसकी भी आत्मकथा पसंद हो, कृपया उसे पढ़ें. उन्होंने कहा कि आत्मकथा इतिहास की घटनाओं को अलग तरीके से समझने का अवसर देती हैं. वो कालखंड इतिहास के काफी निकट होता है.

इससे पहले, Prime Minister मोदी ने पूर्व President रामनाथ कोविंद के साथ अपने लंबे जुड़ाव को याद किया. उन्होंने President के तौर पर कोविंद के कार्यकाल के दौरान मिले मार्गदर्शन और स्नेह की प्रशंसा भी की. उन्होंने कहा कि कोविंद की आत्मकथा भारतीय लोकतंत्र और समाज के लिए एक ‘अनमोल धरोहर’ बनेगी.

अपने संबोधन में उन्होंने कहा, “आज हमें रामनाथ कोविंद की आत्मकथा के विमोचन का अवसर मिला है. मुझे खुशी है कि इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने का सौभाग्य मिला है. रामनाथ कोविंद से बहुत लंबा परिचय रहा है. उन्हें करीब से जानने का भी अवसर मिला है. President के रूप में उनके मार्गदर्शन के साथ-साथ उनका मेरे प्रति विशेष स्नेह और आत्मीयता, यह मेरी बहुत बड़ी पूंजी रही है.”

उन्होंने कहा कि रामनाथ कोविंद के जीवन को जितना समझा है, कार्य क्षमताओं को जितना जाना है, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि रामनाथ कोविंद की ‘आत्मकथा’ अपने आप में भारतीय लोकतंत्र और भारतीय समाज के लिए एक धरोहर बनेगी. कोविंद जी का समाज और राष्ट्र के लिए योगदान रहा है.

पीएम मोदी ने लोगों से अनुरोध करते हुए कहा कि रामनाथ कोविंद की जीवन यात्रा को उनके शब्दों में जानें. उनकी लेखनी और अनुभवों को देश की नई पीढ़ी पढ़े. इससे हर किसी को काफी कुछ सीखने को मिलेगा. मैं रामनाथ कोविंद को इस ‘आत्मकथा’ के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं.

डीसीएच/