
चेन्नई, 26 जुलाई . तमिलनाडु में सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को जमीनी स्तर पर बड़ा झटका लगा है. चेन्नई के 25 से अधिक स्थानीय पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा देकर Sunday को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का दामन थाम लिया. इन नेताओं ने आरोप लगाया कि वर्षों तक संगठन के लिए काम करने के बावजूद उन्हें पार्टी में उचित सम्मान और जिम्मेदारी नहीं दी गई.
डीएमके में शामिल होने का कार्यक्रम सैदापेट में आयोजित किया गया, जहां वरिष्ठ डीएमके नेता और पूर्व मंत्री मा. सुब्रमणियन ने सभी नए सदस्यों का पार्टी में स्वागत किया.
पार्टी छोड़ने वाले नेताओं ने कहा कि टीवीके में लगातार उपेक्षा का सामना करने के बाद उन्होंने डीएमके में शामिल होकर अपनी Political यात्रा आगे बढ़ाने का फैसला किया है.
इस समूह का नेतृत्व पुजुथिवक्कम के वार्ड-186 इकाई के पूर्व संयुक्त सचिव संतोष ने किया. उनके साथ वार्ड युवा विंग के संयोजक शिवनेसन, क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष कार्तिक और कई अन्य जमीनी स्तर के पदाधिकारी भी डीएमके में शामिल हुए.
डीएमके में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में संतोष ने बताया कि वार्ड-186 के करीब 30 सदस्यों ने सामूहिक रूप से टीवीके से इस्तीफा देकर डीएमके की सदस्यता ली है. उन्होंने कहा कि यह फैसला लंबे समय से पार्टी के भीतर हो रही उपेक्षा और असंतोष के कारण लिया गया.
संतोष ने आरोप लगाया कि पार्टी की शुरुआत से संगठन को मजबूत करने वाले पुराने कार्यकर्ताओं को लगातार नजरअंदाज किया गया, जबकि हाल में शामिल हुए लोगों को अधिक महत्व और जिम्मेदारियां दी गईं. उन्होंने कहा कि वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कई बार अपनी शिकायतें पार्टी नेतृत्व के सामने रखीं, लेकिन उन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया.
उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों तक मेहनत करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को न तो सम्मान मिला और न ही संगठन में कोई महत्वपूर्ण भूमिका दी गई. इसी वजह से उन्होंने और उनके साथियों ने पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया.
डीएमके में शामिल होने के फैसले पर संतोष ने कहा कि वह हमेशा से पार्टी के मजबूत संगठन और कार्यप्रणाली से प्रभावित रहे हैं. उन्होंने बताया कि Actor से Chief Minister बने विजय के प्रति आकर्षण के कारण वह टीवीके से जुड़े थे, लेकिन समर्पित कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं पूरी नहीं हो सकीं.
संतोष ने विश्वास जताया कि डीएमके के मंच से वह और उनके साथी जनता के हित में अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे.
गौरतलब है कि तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने को लेकर सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच Political प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है.
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डीएससी
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