
नागपुर, 17 जुलाई . शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने नागपुर में पार्टी के प्रस्तावित ‘रामरक्षा’ आंदोलन, परिसीमन और Maharashtra की Political गतिविधियों को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पार्टी का यह कार्यक्रम हिंदुत्व से जुड़ा बड़ा आयोजन है, इसलिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत को आमंत्रित करना उनका कर्तव्य है.
संजय राउत ने पत्रकारों से कहा, “अगर हम नागपुर में हिंदुत्व का कार्यक्रम कर रहे हैं और नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्यालय है. इस मायने में नागपुर हिंदुत्व की राजधानी या उप-राजधानी भी है. हमारे मन में हमेशा सरसंघचालक के प्रति सम्मान रहा है, चाहे वे बालासाहेब देवरस रहे हों या उनसे पहले और बाद के सरसंघचालक. मतभेद हो सकते हैं लेकिन सम्मान हमेशा बना रहा है. इसलिए जब शिवसेना प्रमुख (यूबीटी) उद्धव ठाकरे यहां आ रहे हैं और हम हिंदुत्व पर बड़ा कार्यक्रम कर रहे हैं, तो मोहन भागवत को निमंत्रण देना हमारा कर्तव्य और धर्म है.”
एनसीपी (एसपी) के नेताओं जयंत पाटिल और जितेंद्र आव्हाड की उपChief Minister एकनाथ शिंदे से मुलाकात पर पूछे गए सवाल पर संजय राउत ने कहा कि राजनीति में नेताओं का एक-दूसरे से मिलना सामान्य बात है.
उन्होंने कहा, “Maharashtra और देश में कई Political दल हैं. नेता एक-दूसरे से मिलते रहते हैं. इसका मतलब यह नहीं कि कोई पार्टी छोड़ रहा है या किसी दूसरी पार्टी में शामिल हो रहा है. जयंत पाटिल और जितेंद्र आव्हाड सभी दलों के नेताओं से मिलते रहते हैं. वे स्वतंत्र हैं और उन्हें मिलने दीजिए.”
प्रस्तावित परिसीमन के मुद्दे पर संजय राउत ने कहा कि इस विषय पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने Prime Minister को जो पत्र लिखा है, उसमें साफ कहा गया है कि यह मुद्दा देश और उसकी एकता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.
उन्होंने कहा कि परिसीमन पर सभी Political दलों से विचार-विमर्श होना चाहिए और उनकी पार्टी भी इस मांग से पूरी तरह सहमत है.
–
पीएम
Skip to content